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अब अपहरण पर सवाल उठाने वाले कोई अटल बिहारी नहीं, जिन्होंने पूछा था-‘कहाँ है मेरा किसलय’, पूरे देश की राजनीति हुई थी प्रभावित

Updated at : 25 Dec 2020 2:15 PM (IST)
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अब अपहरण पर सवाल उठाने वाले कोई अटल बिहारी नहीं, जिन्होंने पूछा था-‘कहाँ है मेरा किसलय’, पूरे देश की राजनीति हुई थी प्रभावित

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जयंती (Atal bihari vajpayee jayanti) आज मनाई जा रही है. बिहार से जुड़ी उनकी यादें आज के दौर में उनकी कमी महसूस कराती हैं. एक ऐसे नेता जिन्होंने अपने एक सवाल मात्र से बिहार के अपहरण के मुददे को पूरे देश में फैला दिया था.

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आज देश केभूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जयंती (Atal bihari vajpayee jayanti) मनाई जा रही है. बिहार से जुड़ी उनकी यादें आज के दौर में उनकी कमी महसूस कराती हैं. एक ऐसे नेता जिन्होंने अपने एक सवाल मात्र से बिहार के अपहरण के मुद्दे को पूरे देश में फैला दिया था. और यह मुद्दा बिहार में बड़े राजनीतिक उलटफेर का कारण बना था.

बिहार सहित पूरे देश में बढ़ते अपहरण के मामलों को देख आज अटल बिहारी वाजपेयी को याद करना जरूरी भी हो जाता है. उनसे जुड़ी एक कहानी इस बात का स्मरण कराता है कि अगर कोई मजबूती से गंभीर होकर अपहरण के बढ़ते मामलों पर सवाल करे तो इसे गंभीरता से लिया जा सकेगा. बात 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव की है. जिसे बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का वर्ष माना जाता है. इसी साल लालू-राबड़ी के 15 साल के राज का समापन हुआ था. चुनावी कैंपेन के दौरान भागलपुर आए अटल बिहारी वाजपेयी ने किसलय नाम के एक बच्चे के अपहरण पर सवाल खुले मंच से उठाया और पूरे देश में बिहार का यह अपहरण मुद्दा बन चुका था.

2005 के पहले बिहार में लालू यादव और राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार का राज 15 सालों तक रहा. उस दौर में तत्कालिक विपक्ष ने बिहार में जंगलराज को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया था. अपहरण उद्योग उस समय काफी फल-फुल रहा था. इस बीच बिहार में बड़े राजनीतिक बदलाव की तैयारी चल रही थी. उस समय बिहार का एक अपहरण मामला ऐसा रहा जो काफी तूल पकड़ रहा था.

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दरअसल, 18 जनवरी 2005 को राजधानी पटना में स्कूल जाते वक्त डीपीएस के स्टूडेंट किसलय कौशल को अपराधियों ने अपहरण कर लिया था. यह मामला काफी तूल पकड़ चुका था. उस समय सूबे की सीएम राबड़ी देवी थीं. जबकि लालू यादव केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. बिहार के हर एक अखबार का मुख्य पेज उस समय किसलय के किडनैपिंग वाले खबर से ही भरा हुआ था.

इसी बीच अटल बिहारी वाजपेयी चुनाव प्रचार के लिए भागलपुर आए. यहां के सैंडिस कम्पाउंड में चुनावी मंच से उन्होंने दोनों बाहों को फैलाकर जब पूछा-” मेरा किसलय कहां है,?मुझे मेरा किसलय लौटा दो”. तो लोगों के भावनाओं को इस सवाल ने झझकोर दिया. अटल बिहारी का सवाल ही ऐसा था मानो यह उस समय पूरे बिहारवासियों का सवाल वो उठा चुके थे. माना जाता है कि बिहार में सत्ता पलट करने में अटल बिहारी वाजपेयी का यह सवाल काफी अधिक असरदार रहा.

इस सवाल के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. पहले ही दवाब में काम कर रही पुलिस इस तरह सक्रिय हुई कि किसलय को 10 दिनों के अंदर सुरक्षित वापस ले आया गया. आज के समय में देश में बढ़ते अपहरण के मामले हमेसा एक अटल बिहारी की खोज जरूर करता है जो मजबूती से इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर सके. और फिर कोई किसलय अपहरणकर्ताओं का शिकार ना बने.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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