Bihar Land Survey: दाखिल- खारिज कराने को लेकर मंत्री ने दिया बड़ा आदेश, बोले- तीन महीने के अंदर हो काम

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Dec 2024 6:34 PM

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BiharLand Survey

Bihar Land Survey: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मैंने सर्वे करने का बीड़ा उठाया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अगले तीन महीने में जमीन का दाखिल-खारिज करवाएं.

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Bihar Land Survey: बिहार में जारी जमीन सर्वे को लेकर सरकार कई कदम उठा रही है. सर्वे के दौरान आ रही परेशानियों को कम करने के लिए कई नियमों में बदलाव किये गए. इसी कड़ी में बिहार सरकार की नजर सरकार की जमीनों के अवैध कब्जों पर है. भूमि राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जमीन विवाद का सबसे ज्यादा मामला जमीन माफिया और सरकारी जमीन पर कब्जे का है. ऐसी जमीनों पर माफिया की बुरी नजर है. ऐसी जमीनों को लेकर उन्होंने आदेश दिया है कि 3 महीने के भीतर दाखिल-खारिज कराया जाए. जो भी लोग सरकारी जमीन को अपना बनाना चाह रहे हैं उस पर रोक लगाना हमारा मकसद है.

समाधान करने का प्रयास किया
 

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कहा की मैंने राज्य में सर्वे करने का बीड़ा उठाया है. इस दौरान जो भी समस्याएं हमारे पास आई हमने उसका समाधान करने के लिए प्रयास किया. उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 75 लाख लोगों ने सेल्फ डिक्लेरेशन कर दिया है. जितने लोग बचे हैं. उन लोगों की मदद की जा रही है. सभी जरूरी कागज उपलब्ध कराए जा रहे हैं. क्योंकि बिहार सरकार जनता की मदद करके सर्वे का काम कराएगी तो सर्वे का काम आसान हो जाएगा.

बेतिया राज की जमीन के मामले पर क्या बोले

दिलीप जायसवाल ने बेतिया राज की जमीन के अधिग्रहण के मामले पर कहा कि वहां की रानी को कोई संतान नहीं था. इस वजह से उनकी जमीन को लूटा जा रहा था. इस राज के पास 15000 एकड़ जमीन था. सरकार ने इस लूट को रोकने के लिए कानून बनाया ताकि इस पर अब कोई केस नहीं कर सके. बेतिया राज की सारी जमीन अब सरकार में निहित हो गई है.

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लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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