Bihar Flood: उत्तर बिहार और सीमांचल में भयावह हुआ बाढ़, दो और बांध टूटे, 12 जिलों में खतरा बढ़ा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 01 Oct 2024 8:38 PM

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Bihar Flood: बिहार में कोसी, गंडक और बागमती सहित कई नदियां उफान पर हैं जिस वजह से बाढ़ की स्थिति भयावह हो गयी है. सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण तथा गोपालगंज सहित कुछ अन्य जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

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Bihar Flood: नेपाल में हुई जबरदस्त बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गयी है. सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण तथा गोपालगंज सहित कुछ अन्य जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई गांव जलमग्न हो गये हैं और लोगों को अपने घर से विस्थापित होना पड़ा. कोसी, गंडक और बागमती सहित कई नदियां उफान पर हैं. पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में एक-एक रिंग बांध टूट गया है. पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में घोड़हिया पीडी रिंग बांध सोमवार की रात करीब 11 बजे टूट गया. इससे गंडक का पानी तेजी से गांवों की ओर फैलने लगा है. इससे करीब 50 गांव प्रभावित हो गये हैं.

तटबंधों के टूटने से 100 से अधिक गांव जलमग्न

सैकड़ों एकड़ में लगी फसल जलमग्न हो चुकी है. वहीं, पूर्वी चंपारण के अरेराज में चटिया के पास सरेया में रिंग बांध टूट गया है. सीतामढ़ी जिले में 20 साल बाद बाढ़ का सबसे खतरनाक मंजर देखने को मिल रहा है. यहां बेलसंड, रुन्नीसैदपुर और बैरगनिया सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. बागमती नदी के तटबंधों के टूटने से 100 से अधिक गांव जलमग्न हो गये हैं, तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं और हजारों हेक्टेयर में लगी फसलें नष्ट हो गयी हैं. वहीं, मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज, गायघाट, कटरा, औराई की दस पंचायतों में रहनेवाले 32 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है.

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बाढ़ से विकराल हुआ ग्रामीण इलाका, सड़क संपर्क हुए भंग

कोसी बराज से छोड़ा गया पानी अब अन्य जिलों को प्रभावित करने लगा है. मंगलवार को सहरसा, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार व पूर्णिया के नये गांवों में पानी फैलने लगा. दूसरी ओर कोसी तटबंध के अंदर के हालात भी ठीक नहीं हैं. पानी घटने के बाद तबाही का मंजर दिखने लगा है. कई गांवों की सड़कों का अस्तित्व मिट चुका है. कई घरों में अब तक पानी व गाद लबालब भरा हुआ है. वहीं कटाव की त्रासदी अभी बाकी है, क्योंकि कोसी में पानी कम होने के बाद भीषण कटाव होता रहा है.

कई गांव टापू बन गये

सहरसा की पड़ड़िया पंचायत के मैना स्थित एनएच 107 से चिल्लारही होते हुए अरसी गांव जाने वाली सड़क सुरसर नदी के कटाव से मंगलवार को ध्वस्त हो गयी. खगड़िया में बेलदौर व अलौली के एक दर्जन से अधिक पंचायतें प्रभावित हैं. मधेपुरा के फुलौत प्रखंड क्षेत्र की दस हजार आबादी वाले दर्जनों गांवों में बाढ़ के पानी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है. भागलपुर में गंगा व कोसी का जलस्तर बढ़ रहा है. नवगछिया इलाके में स्थिति गंभीर बनी हुई है. कई गांव टापू बन गये हैं.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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