अब 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्री खोलने की मंजूरी, बिहार में लागू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

Bihar Industrial Investment Policy: बिहार में फैक्ट्रियां लगाना आसान करने के लिए सम्राट चौधरी कैबिनेट ने एसआईपीबी (SIPB) सचिवालय को सिंगल नोडल एजेंसी बनाया है. अब विभागों को 30 दिनों में मंजूरी देनी होगी, वरना आवेदन अपने आप पास माना जाएगा.

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Bihar Industrial Investment Policy: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया. सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम 2016 के तहत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को निवेश से जुड़े मामलों की मुख्य एजेंसी बनाने की मंजूरी दे दी है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से उद्योग लगाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और ट्रांसपेरेंट होगी. इससे राज्य में इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे.

निवेशकों को नहीं करना पड़ेगा बेवजह इंतजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि बिहार में उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. निवेशकों को समय पर सभी जरूरी मंजूरियां मिलें, इसके लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है. नई व्यवस्था के तहत SIPB सचिवालय किसी भी निवेश प्रस्ताव की जांच और सिफारिश करने के बाद संबंधित विभाग या अधिकारी को तय समय के भीतर मंजूरी देनी होगी. अधिकतम 30 दिनों के अंदर फैसला लेना अनिवार्य होगा.

तय समय में फैसला नहीं तो मिलेगी स्वतः मंजूरी

सरकार ने निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है. यदि कोई विभाग या अधिकारी तय समय सीमा के भीतर आवेदन पर फैसला नहीं लेता है, तो SIPB सचिवालय खुद ही मंजूरी जारी कर सकेगा.

इस मंजूरी को सभी संबंधित विभागों को मानना होगा. इसके बाद उस फैसले को रोकने या बदलने का अधिकार संबंधित विभाग के पास नहीं रहेगा. इससे उद्योग लगाने वाले लोगों का समय बचेगा और परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकेंगी.

एक ही जगह से होगा काम

सरकार ने फैसला किया है कि उद्योगों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सीधे SIPB सचिवालय में तैनात किया जाएगा. इससे अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी.

ये सभी अधिकारी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर की निगरानी में काम करेंगे. इससे निवेश से जुड़े मामलों पर जल्दी फैसला लिया जा सकेगा और फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी.

फैक्ट्री के लिए बनेगा नियम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की स्थापना, संचालन और विस्तार से जुड़ी सभी मंजूरियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियम बनाए जाएंगे. इन नियमों के लागू होने से पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी. साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी और निवेशकों को यह पता रहेगा कि किस काम में कितना समय लगेगा.

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रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों का विस्तार ही बिहार की आर्थिक प्रगति का सबसे मजबूत आधार है. इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार देश और विदेश के निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश केंद्र बने. इसी दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं ताकि राज्य में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो सकें और विकास की रफ्तार तेज हो.

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परितोष शाही

लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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