अब 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्री खोलने की मंजूरी, बिहार में लागू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 09 Jun 2026 2:37 PM

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

Bihar Industrial Investment Policy: बिहार में फैक्ट्रियां लगाना आसान करने के लिए सम्राट चौधरी कैबिनेट ने एसआईपीबी (SIPB) सचिवालय को सिंगल नोडल एजेंसी बनाया है. अब विभागों को 30 दिनों में मंजूरी देनी होगी, वरना आवेदन अपने आप पास माना जाएगा.

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Bihar Industrial Investment Policy: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया. सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम 2016 के तहत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को निवेश से जुड़े मामलों की मुख्य एजेंसी बनाने की मंजूरी दे दी है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से उद्योग लगाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और ट्रांसपेरेंट होगी. इससे राज्य में इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे.

निवेशकों को नहीं करना पड़ेगा बेवजह इंतजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि बिहार में उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. निवेशकों को समय पर सभी जरूरी मंजूरियां मिलें, इसके लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है. नई व्यवस्था के तहत SIPB सचिवालय किसी भी निवेश प्रस्ताव की जांच और सिफारिश करने के बाद संबंधित विभाग या अधिकारी को तय समय के भीतर मंजूरी देनी होगी. अधिकतम 30 दिनों के अंदर फैसला लेना अनिवार्य होगा.

तय समय में फैसला नहीं तो मिलेगी स्वतः मंजूरी

सरकार ने निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है. यदि कोई विभाग या अधिकारी तय समय सीमा के भीतर आवेदन पर फैसला नहीं लेता है, तो SIPB सचिवालय खुद ही मंजूरी जारी कर सकेगा.

इस मंजूरी को सभी संबंधित विभागों को मानना होगा. इसके बाद उस फैसले को रोकने या बदलने का अधिकार संबंधित विभाग के पास नहीं रहेगा. इससे उद्योग लगाने वाले लोगों का समय बचेगा और परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकेंगी.

एक ही जगह से होगा काम

सरकार ने फैसला किया है कि उद्योगों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सीधे SIPB सचिवालय में तैनात किया जाएगा. इससे अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी.

ये सभी अधिकारी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर की निगरानी में काम करेंगे. इससे निवेश से जुड़े मामलों पर जल्दी फैसला लिया जा सकेगा और फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी.

फैक्ट्री के लिए बनेगा नियम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की स्थापना, संचालन और विस्तार से जुड़ी सभी मंजूरियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियम बनाए जाएंगे. इन नियमों के लागू होने से पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी. साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी और निवेशकों को यह पता रहेगा कि किस काम में कितना समय लगेगा.

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रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों का विस्तार ही बिहार की आर्थिक प्रगति का सबसे मजबूत आधार है. इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार देश और विदेश के निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश केंद्र बने. इसी दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं ताकि राज्य में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो सकें और विकास की रफ्तार तेज हो.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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