CM Nitish: बिहार सरकार 5 साल में देगी एक करोड़ नौकरी व रोजगार, 30 एजेंडों पर फैसला, जानें डिटेल्स

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 15 Jul 2025 7:40 PM

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बिहार सीएम नीतीश कुमार

CM Nitish: अपर मुख्य सचिव डा एस सिद्धार्थ ने बताया कि रोजगार सृजन के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति का गठन करने की स्वीकृति दी गयी है. कमेटी वर्ष 2025 से 2030 के बीच राज्य में रोजगार के विकल्पों की पहचान कर कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगी.

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CM Nitish: बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अगले पांच वर्ष 2025-30 के बीच एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसके साथ कुल 30 महत्वपूर्ण एजेंडों पर फैसला लिया गया. कैबिनेट की बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव डा एस सिद्धार्थ ने प्रेस ब्रीफिंग में इस फैसले की जानकारी दी.

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली इस उच्चस्तरीय समिति में वित्त विभाग, सामान्य प्रशासन, कृषि, ग्रामीण विकास, पशु एवं मत्स्य संसाधन, उद्योग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा, शिक्षा, पर्यटन तथा श्रम संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव स्तर के अधिकारी सदस्य होंगे.

बम निरोधक दस्ता कर्मियों को मिलेगा 30 प्रतिशत जोखिम भत्ता

मंत्रिमंडल ने बम निरोधक दस्ता के कर्मियों को उनके कार्य के खतरों के मद्देनजर उनके मासिक मूल वेतन का 30 प्रतिशत हर महीने जोखिम भत्ता (अधिकतम 25 हजार) देने का निर्णय लिया है. जोखिम भत्ते पर कोई महंगाई भत्ता देय नहीं होगा. इससे बम निरोधक कार्य में लगे कर्मियों के मनोबल को भी बढ़ावा मिलेगा.

टैक्स देने वाले व्यवसायी की दुर्घटना मृत्यु पर मिलेगा अनुदान

राज्य सरकार ने टैक्स देने वाले बिहार के व्यावसायियों को पांच लाख का सामाजिक सुरक्षा का कवच दिया है. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बिहार राज्य के निवासी और राज्य में निबंधित नन कॉरपोरेट करदाताओं की दुर्घटना में मृत्यु होने पर अनुदान के माध्यम से उन्हें सामाजिक सुरक्षा दी गयी है. इसको लेकर बिहार व्यावसायी दुर्घटना मृत्यु अनुदान योजना 2025 को स्वीकृति दी गयी है.

इस योजना के तहत करदाताओं की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को पांच लाख का अनुदान देगी. इस योजना में राज्य क्षेत्राधिकार के व्यावसायियों के साथ केंद्रीय प्राधिकार द्वारा प्रशासित जीएसटी के करदाताओं को भी आच्छादित किया गया है.

भागलपुर और मुंगेर में गंगा किनारे बनेगा बाइपास

कैबिनेट ने मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोघरघाट सुल्तानगंज (कुल लंबाई 42 किमी) गंगा पथ परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (हम) को क्रियान्वित करने के लिए कुल पांच हजार 119 करोड़ 80 लाख की स्वीकृति दी है. इससे मुंगेर और भागलपुर शहरी क्षेत्र में गंगा किनारे वैकल्पिक बाइपास, शहरी क्षेत्र में वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण जाम की समस्या का निजात होगा.

इसी तरह से सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर (कुल लंबाई 40.80 किमी) को भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (हम) के क्रियान्वयन के लिए कुल चार हजार 849 करोड़ 83 लाख की स्वीकृति दी गयी है. इसका निर्माण होने पर भागलपुर शहरी क्षेत्र में गंगा किनारे वैकल्पिक बाइपास, शहरी क्षेत्र में वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण जाम की समस्या से निजात मिलेगा.

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फोरलेन पुल व पथ का टेंडर हुआ रिवाइज

जन निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में एनएच-31 में बख्तियारपुर से एनएच 28 में ताजपुर को जोड़ने वाली गंगा नदी पर निर्माणाधीन फोरलेन पुल (लंबाई-5.51 किमी) और फोर लेन पहुंच पथ (लंबाई- 45.393 किमी) परियोजना को पूर्ण करने के लिए एस्टीमेट दूसरी बार रिवाइज कर 3923 करोड़ में निर्माण को स्वीकृति दी गयी है. यह पुल निर्माणाधीन है और इसके पूरा होने से यात्रा में तेजी आयेगी.

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वित्त रहित स्कूलों को मिला अनुदान तीन अरब 94 करोड़ जारी

कैबिनेट ने वित्त रहित शिक्षा नीति के तहत हाईस्कूल और उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को सहायक अनुदान के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध मद में कुल तीन अरब 94 करोड़ 41 लाख की राशि की स्वीकृति व मुक्त करने की स्वीकृति दी है.

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Paritosh Shahi

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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