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Bihar Flood:गंगा उफनाई, बांधों पर दबाव, लोगों का पलायन शुरू—खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर

Updated at : 03 Aug 2025 10:44 AM (IST)
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Bihar Flood

Bihar Flood

Bihar Flood:बाढ़ अब दस्तक नहीं दे रही, भीतर तक दाखिल हो चुकी है. गंगा का पानी लाल निशान पार कर चुका है और बिहार के कई हिस्सों में अब केवल इंतज़ार है—एक बड़ी तबाही के आने का.

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Bihar Flood: भागलपुर, कहलगांव और सुल्तानगंज — गंगा के तटवर्ती इलाकों में हालात भयावह हो चुके हैं. जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और ग्रामीणों का अपने मवेशियों के साथ ऊंची जगहों की ओर पलायन शुरू हो चुका है. बांधों पर दबाव, टूटी संरचनाएं और प्रशासन की बेचैनी—यह सब उस संकट की ओर इशारा कर रहे हैं जो किसी भी क्षण कहर बनकर टूट सकता है.

गंगा खतरे के निशान से ऊपर, विस्थापन के लिए मजबूर है लोग

बिहार में गंगा का उफान अब डराने लगा है. भागलपुर जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे दियारा क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है. प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है, लेकिन ज़मीनी हालात पहले ही विस्थापन की ओर बढ़ चले हैं.

इस्माईलपुर के बिंदटोली इलाके में बांध पर गंगा का दबाव बढ़ गया है. एक स्पर (बांध को संभालने वाली रचना) पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है और उसे दुरुस्त करने के लिए फ्लड फाइटिंग की टीम काम में लगी है. वहीं, सबौर के चांयचक क्षेत्र में कटाव की रफ्तार तेज़ हो गई है, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों की जमीन और घर खतरे में हैं.

जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट बताती है कि भागलपुर में गंगा का जलस्तर शनिवार दोपहर 2 बजे तक 33.78 मीटर तक पहुंच गया, जो कि 33.68 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर है. कहलगांव में गंगा का जलस्तर 31.26 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि वहां खतरे का निशान 31.09 मीटर है. सुल्तानगंज में यह आंकड़ा 34.47 मीटर तक जा पहुंचा है, जो वहां के खतरे के निशान 34.05 मीटर को पार कर चुका है.

गंगा घाटों पर सुरक्षा बढी, प्रशासन मुस्तैद

गंगा घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. श्रावणी मेला के चलते कांवरियों की भारी भीड़ सुल्तानगंज में जुटी है, जिससे प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है. सभी घाटों पर एसडीआरएफ की टीमें और गोताखोर तैनात किए गए हैं. श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है कि वे बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करें और सावधानी बरतें.

बिहार के जल संसाधन अभियंताओं का मानना है कि उत्तराखंड, यूपी और बिहार में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. अगर यही रफ्तार जारी रही, तो भागलपुर और आसपास के इलाकों में बड़ी तबाही से इनकार नहीं किया जा सकता.

फिलहाल प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या अलर्ट और टीमों की तैनाती इस बार गंगा के रौद्र रूप को रोक पाएगी?

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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