बिहार के किसानों ने की 50-50 टन तक यूरिया की खरीद, फर्जीवाड़ा का संदेह, मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Aug 2020 7:56 AM
बिहार में इस साल अप्रैल से जुलाई के बीच नीम कोटेड यूरिया की भारी बिक्री ने केंद्र सरकार को चौंका दिया है. उर्वरक दुकानों के माध्यम से कई किसानों के नाम पर 50-50 टन तक यूरिया की बिक्री की गयी है. जिस अवधि में नीम कोटेड यूरिया की बिक्री हुई, उसमें अमूमन खेती के लिए उर्वरक की जरूरत नहीं होती है. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इसमें गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हुए सभी जिलों को जांच का आदेश दिया है.
रवींद्र कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर : बिहार में इस साल अप्रैल से जुलाई के बीच नीम कोटेड यूरिया की भारी बिक्री ने केंद्र सरकार को चौंका दिया है. उर्वरक दुकानों के माध्यम से कई किसानों के नाम पर 50-50 टन तक यूरिया की बिक्री की गयी है. जिस अवधि में नीम कोटेड यूरिया की बिक्री हुई, उसमें अमूमन खेती के लिए उर्वरक की जरूरत नहीं होती है. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इसमें गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हुए सभी जिलों को जांच का आदेश दिया है. चौंकाने वाली बात यह भी है कि कई किसानों के नाम पर नीम कोटेड यूरिया की बिक्री हुई, लेकिन उनका पता भी दस्तावेज से गायब है.
मंत्रालय के सचिव छबिलेंद्र राउत ने सभी राज्यों को पांच अगस्त को पत्र लिखकर 13 बिंदुओं पर जल्द जांच रिपोर्ट मांगी है. इस आदेश के आलोक में कृषि निदेशक ने 10 अगस्त को राज्य के सभी डीएम को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है- ‘कई खुदरा उर्वरक विक्रेता अपनी पीओएस मशीन के माध्यम से एक आधार नंबर के साथ एक ही किसान को बड़ी मात्रा में उर्वरक की बिक्री कर रहे हैं, जो संदेह की स्थिति उत्पन्न करता है. इसमें सभी जिलों के 20 टॉप क्रेता के यहां जाकर जांच करनी है.’
जिन बिंदुओं पर मांगी गयी रिपोर्ट
1. क्रेता ने कितनी खरीद की
2. कब- कब खरीदा
3.रिटेलर का नाम पता
4. क्रेता के पास कुल भूमि
5. क्रेता ने कितनी भूमि में खेती की
6. किस फसल की खेती की
7. कितना यूरिया खर्च किया
8. अगले दो माह में कितना और यूरिया खेत में देने का प्लान है
9. खरीद की गयी यूरिया में कितना बचा है, जिसका उपयोग नहीं किया गया और वह कहां है.
10. जांचकर्ता के अनुसार कितना यूरिया खर्च किया जाना चाहिए
11. जांच के आधार पर अधिक खरीद किया उसका क्या किया गया.
12. जांच के आधार पर कोई कार्रवाई की जा सकती है
13. जांचकर्ता का नाम, पद और पूरा पता
कृषि निदेशक ने सभी डीएम को कहा है कि जिन किसानों ने बड़ी मात्रा में अपने आधार नंबर पर उर्वरक का क्रय किया है, उनमें से टाप 20 की सूची (www.urvarknic.in) पोर्टल पर उपलब्ध है. पूर्व में प्रदान किये गये लॉग इन आइडी व पासवर्ड के माध्यम से इस पोर्टल पर जाकर टॉप 20 क्रेताओं की सूची प्राप्त की जा सकती है. एक अप्रैल, 2020 से 31 जुलाई, 2020 के बीच टॉप 20 क्रेताओं की पोर्टल से सूची प्राप्त कर वरीय पदाधिकारी के माध्यम से जांच कराकर उक्त पोर्टल के माध्यम से ही रिपोर्ट भेजने को कहा गया है.
मंत्रालय के दस्तावेज के मुताबिक, मुजफ्फरपुर में 20 लोगों के नाम पर चार माह में 279.585 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया की बिक्री खुदरा बिक्रेताओं की ओर से दिखाया गया है. कई किसानों का नाम तो है, पर पता दर्ज नहीं है. सूची में सबसे ऊपर सरैया के बसरा काजी गांव निवासी अभिषेक का नाम है, जिन्होंने अप्रैल से जुलाई माह तक 50.4 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया की खरीद की. साहेबगंज के नीरपुर चौक सरैया निवासी आदित्य राज ने 20.43 मीट्रिक टन खरीद की. दीर के नाम से 11.97 टन खरीद दर्ज गयी है, लेकिन पता नहीं दर्शाया गया है. जैतपुर गिजास मठ टोला के जयनारायण साह के नाम से 18.81 एमटी खरीद दर्शाया गया है. सकरा के शशिरंजन कुमार के नाम पर 17.64 एमटी, हरपुर मुजफ्फरपुर के पता पर सुजीत कुमार गोस्वामी के नाम 37.8 एमटी खरीद दर्शाया गया है. औराई विशुनपुर जगदीश के रामजी राम के नाम 17.28 एमटी, रविरंजन कुमार के नाम 14.535 एमटी खरीद की गयी है.सूची के अनुसार सिर्फ मुजफ्फरपुर के पते से कुमेश चौधरी, मुकेश, नरेश साह, नीलम देवी, रहमान खान, राजेंद्र, राजेश, विकास, विक्की, विनोद व योगेंद्र के नाम पर 9-9 टन यूरिया खरीद दर्शाया गया है.
posted by ashish jha
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