बिहार के हर मॉल-अपार्टमेंट और पेट्रोल पंप पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन, जानिए ई-वाहनों के लिए सम्राट सरकार का मेगा प्लान
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 19 May 2026 12:26 PM
AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: बिहार सरकार राज्य में ई-वाहनों के लिए सस्ती पार्किंग, चार्जिंग स्टेशन और बड़े भवनों में ई-चार्जिंग सुविधा अनिवार्य करने की तैयारी में है. वहीं ओला-उबर जैसी कंपनियों को भी अपने बेड़े में 50% ई-वाहन शामिल करने का लक्ष्य दिया गया है.
Bihar News: बिहार सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहन) को तेजी से बढ़ावा देने की तैयारी में जुट गई है. राज्य के सभी शहरी इलाकों में ई-वाहनों के लिए अनुदानित दर पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही शहरों में चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाया जाएगा ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करने में परेशानी न हो.
नगर विकास एवं आवास विभाग इसके लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है. सरकार की योजना है कि शहरों में बनने वाले बड़े अपार्टमेंट, शॉपिंग मॉल, होटल और बहुमंजिला भवनों में ई-चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य किया जाए.
हर शहर में बनेगा ‘सिटी पार्किंग प्लान’
सरकार ने सभी नगर निकायों को सिटी पार्किंग प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है. इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सस्ती दर पर ऑन-स्ट्रीट पार्किंग और चार्जिंग स्टेशन की सुविधा दी जाएगी. सरकार का मानना है कि अगर चार्जिंग और पार्किंग की सुविधा आसान होगी तो लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह ई-वाहनों को ज्यादा अपनाएंगे.
बिल्डिंग बायलॉज में होगा बदलाव
नगर विकास विभाग भवन निर्माण नियम यानी बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव करने जा रहा है. नए नियम लागू होने के बाद शहरों में बनने वाले बड़े भवनों में चार्जिंग स्टेशन बनाना जरूरी होगा. इसका असर खास तौर पर बड़े आवासीय परिसरों, अपार्टमेंट और व्यावसायिक भवनों पर पड़ेगा. सरकार चाहती है कि आने वाले समय में हर बड़े भवन में ई-वाहन चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहे.
पेट्रोल पंपों पर भी लगेंगे ई-चार्जिंग स्टेशन
परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार अब नए पेट्रोल पंपों को लाइसेंस देते समय ई-चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इतना ही नहीं, पुराने पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन को भी अपने परिसर में चार्जिंग स्टेशन लगाने होंगे. सरकार बड़े होटल और हाईवे किनारे बने मोटल्स में भी ई-चार्जिंग स्टेशन शुरू करवाना चाहती है. इसके लिए प्रोत्साहन राशि देने की भी योजना बनाई गई है.
ओला-उबर और रैपिडो को मिला चार साल का टारगेट
सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी टैक्सी सेवाओं को भी बड़ा लक्ष्य दिया है. नई नीति के अनुसार इन कंपनियों को अगले चार वर्षों में अपने बेड़े का 50 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना होगा. इसके तहत पहले दो वर्षों में कम से कम 20 प्रतिशत ई-वाहन शामिल करना अनिवार्य होगा. तीन साल पूरे होने तक यह संख्या 40 प्रतिशत और चार साल में 50 प्रतिशत तक पहुंचानी होगी.
अगर कंपनियां इस नियम का पालन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
प्रदूषण कम करने पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण कम होगा और लोगों का ईंधन खर्च भी घटेगा. आने वाले वर्षों में बिहार के शहरों में इलेक्ट्रिक वाहन आम नजर आएं, इसी लक्ष्य के साथ सरकार नई व्यवस्था लागू करने जा रही है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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