पटना में जमीन हड़पने की साजिश नाकाम, निबंधन कार्यालय से दस्तावेज चुराने पहुंचे गिरोह का भंडाफोड़

गिरफ्तार किए गए लोगों की तस्वीर
Bihar Crime News: पटना में छज्जुबाग निबंधन कार्यालय में 1940-45 के पुराने दस्तावेज निबंधन कार्यालय से चुराने पहुंचे चार बदमाश को पटना पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया. चारों की निशानदेही पर कटिहार में छापेमारी कर सरगना समेत तीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया. दस्तावेज चोरी कर जमीन कब्जा करने की प्लानिंग थी. गांधी मैदान थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है.
Bihar Crime News: गांधी मैदान थाने की पुलिस ने छज्जुबाग निबंधन कार्यालय में जमीन के दस्तावेजों की चोरी करने का प्रयास कर रहे चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही तीन अन्य को कटिहार में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया है. छज्जुबाग निबंधन कार्यालय से पकड़े गये बदमाशों में कटिहार के हाजी टोला के रहने वाले हैं.
इन लोगों के पास से उजले रंग की कार, लोहे की खंती, लोहे का दबिया और चार मोबाइल फोन बरामद किया गया है. पटना से गिरफ्तार चारों बदमाश छज्जुबाग स्थित निबंधन कार्यालय में पुराने दस्तावेजों की चोरी करने के लिए पहुंचे थे. पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि यह एक संगठित गिरोह है और वर्ष 1940 से 1945 के बीच के जमीन के सरकारी रिकॉर्ड की चोरी करने के फिराक में आए थे.
पुलिस की गश्ती टीम ने कैसे पकड़ा?
बताया जाता है कि मो. फसीम, अखतर अंसारी, अरमान और एजुल खान गाड़ी से छज्जुबाग स्थित पटना सदर निबंधन कार्यालय में देर रात पहुंचे. गाड़ी को साइड में खड़ा कर दिया और चारदीवारी को फांद कर अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे. इसी बीच पुलिस गश्ती टीम पहुंच गयी और संदिग्ध वाहन को देख कर जांच करने लगी.
इतने में ही पुलिस को देख कर तीन व्यक्ति निबंधन कार्यालय के अंदर की चारदीवारी से कूद कर सड़क पर आ गया और गाड़ी की ओर भागने लगा . गाड़ी में पहले से मौजूद चालक ने गाड़ी स्टार्ट करके पहले से ही रखा था. लेकिन इसके बावजूद भागने से पहले ही चारो चोरों को पकड़ लिया गया.
पूछताछ में निकला कटिहार कनेक्शन
इन चारों ने पूछताछ में बताया कि इन्हें मसीऊर रहमान, सुरेश सिंह, कैफी खान और प्रदुमन कुमार ने कटिहार से कार से भेजा था. इसमें इन्हें छज्जुबाग स्थित निबंधन कार्यालय से वर्ष 1940 से 1945 के बीच के दस्तावेजों को चुराने की जिम्मेदारी दी गयी थी. इसके एवज में सभी को 40-40 हजार रुपये देने की बात कही गई थी .
पकड़े गए लोगों के निशानदेही पर पुलिस ने कटिहार में छापेमारी की जहां से मसीऊर, सुरेश और प्रदुमन कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में इन तीनों बदमाशों ने कटिहार निबंधन कार्यालय से अक्टूबर 2024 में भी दस्तावेजों की चोरी में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है.
कैसे काम करता था यह गैंग?
पुलिस जांच में सामने आया कि , यह गैंग सुनियोजित तरीके से काम करता था. सबसे पहले दस्तावेजों की चोरी करता था. उसके बाद उसे अपने पूर्वज के नाम से लिखे होने का कागजात बनवा लेता था. सबसे पहले उस जमीन को निशाना बनाया जाता था, जिस जमीन के मालिक अब नहीं है या फिर जिनका रिकार्ड पुराना और कमजोर है.
फिर निबंधन कार्यालय से संबंधित रजिस्ट्री दस्तावेज चुराए जाते और उसकी जगह फर्जी कागज पेश किए जाते. अगर निबंधन कार्यालय में दस्तावेज नहीं होते तो इनके ओर से दिए गए कागजात को ही सही मानना पड़ता और फिर ये गैंग आसानी से जमीन पर कब्जा कर लेता.
गांधी मैदान थानाध्यक्ष ने क्या बताया?
पुलिस के इस प्रयास से ही दस्तावेजों की चोरी कर जमीन पर कब्जा करने के प्रयास को विफल कर दिया गया. गिरफ्तार लोगों में अब तक चार पटना से और तीन कटिहार से पकड़े गये हैं. जांच जारी है जल्द ही पुलिस इसकी तह तक जाएगी.
(पटना से नीतीश सिंह की रिपोर्ट )
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