Mahagathbandhan Seat Sharing: सीट शेयरिंग पर कांग्रेस ने लालू यादव के सामने रखी दो शर्तें, इससे कम पर समझौता नहीं और दूसरा?

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 Sep 2025 4:47 PM

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कृष्णा अल्लावरु और लालू यादव (बाएं से दाएं )

Mahagathbandhan Seat Sharing: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर पेंच फंसता दिखाई दे रहा है. कांग्रेस पार्टी इस बार किसी भी हाल में कम सीटों पर समझौता को तैयार नहीं है. इसके अलावा भी बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने एक शर्त रखी है.

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Mahagathbandhan Seat Sharing: बिहार में कांग्रेस को राजद की पिछलग्गू पार्टी का टैग मिला हुआ है. NDA के नेता हर दूसरे दिन कांग्रेस पर यह कहकर हमला बोलते रहते हैं. इस छवि से उबरने के लिए पार्टी आलाकमान ने बिहार कांग्रेस के चीफ और प्रभारी को बदला. राजेश राम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और कृष्णा अल्लावरु प्रभारी बनाये गए. लालू परिवार की नाराजगी के बावजूद कांग्रेस ने कन्हैया कुमार और पप्पू यादव को मंच दिया. अब कांग्रेस प्रभारी ने लालू यादव के सामने सीट शेयरिंग पर दो शर्तें रखी हैं.

सीट शेयरिंग पर बात करेंगे कृष्णा अल्लावरू

बिहार में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर हो इसलिए राहुल गांधी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं. इस साल वो कई बार बिहार का दौरा कर चुके हैं. हाल ही में उन्होंने मतदाता अधिकार यात्राभी बिहार के कई जिलों में निकाला था. इसी बीच सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस के रणनीतिकारों ने दो फॉर्मूला महागठबंधन में शामिल दलों के सामने पर रख दिए हैं. इन पर बातचीत के लिए बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को चुना गया है.

क्या है सीट शेयरिंग का फॉर्मूला नंबर वन

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कांग्रेस ने राजद के सामने वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में मिली 70 सीटों की संख्या तो जस के तस तो रख दी है. लेकिन इसमें भी एक ट्विस्ट है. पार्टी ने उन सीटों की मांग नहीं की है जो 2020 में दिया गया था. राहुल गांधी की यात्रा के बाद कांग्रेस के रणनीतिकारों ने कमजोर विधानसभा सीटों का आंकलन कर उन सीटों को अपनी लिस्ट से बाहर कर दिया है. कांग्रेस ने इनके बदले अपनी सूची में कई ऐसी सीटों का नाम जोड़ा है, जहां मुस्लिम, सवर्ण, दलित और अतिपिछड़ा वोटर्स की संख्या ज्यादा है.

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दूसरा फार्मूला क्या है

दूसरा फार्मूला महागठबंधन की मेज पर यह रखा गया है कि अलायन्स में पार्टी का प्रेजेंस दूसरे स्थान पर है. ऐसे में डिप्टी सीएम के पद पर दावेदारी बनती है. अगर इस पद को लेकर कन्फर्मेशन मिल जाता है तो सीटों की संख्या को लेकर पार्टी थोड़ा लिबरल रुख अपना सकती है. ऐसे में पार्टी 50 से 60 सीटों के बीच चुनाव लड़ने को तैयार हो जाएगी.

इसमें में एक शर्त यह रखा गया है कि उन 19 सीटों पर कोई समझौता नहीं होगा जिन पर पार्टी का जीती हुई है. पार्टी ने राजद के सामने यह भी शर्त रखी है कि हर जिले में कम से कम एक सीट जरुर मिले और उन सीटों को कांग्रेस को ना दिया जाये जहां से NDA के उम्मीदवार पिछले कई चुनाव से लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं.

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क्या था 2020 का फार्मूला

विधानसभा चुनाव 2020 में आरजेडी ने बड़े भाई की भूमिका निभाई थी और 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इसमें से 75 सीटों पर जीत मिली थी. पार्टी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. कांग्रेस ने 70 सीटों में से 19 पर जीत दर्ज की थी.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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