Bihar Bridge Collapse: बिहार के 12 पुल बेहद जर्जर, सर्वे में तत्काल मरम्मत की दिखी दरकार
Published by : Ashish Jha Updated At : 21 Jul 2024 1:35 PM
Bihar Bridge Collapse: पथ निर्माण विभाग की जांच रिपोर्ट में बिहार में अभी भी 12 पुल ऐसे हैं जो बेहद खतरनाक हैं. जिन्हें तत्काल मरम्मद की जरुरत है. इनपर आवाजाही बंद होना चाहिए या फिर भारी वाहनों का परिचालन तत्काल रोक देना चाहिए.
Bihar Bridge Collapse: पटना. बिहार में पुल गिरने की पिछले दिनों काफी घटनाएं हुई. अभी भी बिहार में करीब 12 ऐसे पुल हैं जिस होकर गुजरना खतरनाक साबित हो सकता है. यह कहना किसी और का नहीं बल्कि सरकार की ओर से गठित सर्वे टीम की रिपोर्ट का है. पथ निर्माण विभाग की ओर से कराये गये पुलों के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पथ निर्माण विभाग की जांच रिपोर्ट में बिहार में अभी भी 12 पुल ऐसे हैं जो बेहद खतरनाक हैं. जिन्हें तत्काल मरम्मद की जरुरत है. इनपर आवाजाही बंद होना चाहिए या फिर भारी वाहनों का परिचालन तत्काल रोक देना चाहिए. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अब सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है.
12 पुलों की हालत बहुत ही जर्जर
बिहार में पिछले दिनों लगातार पुलों के गिरने की घटना को लेकर बिहार सरकार काफी गंभीर है. राज्य के पुलों का हेल्थकार्ड बनाया जा रहा है. पथ निर्माण विभाग को 250 राज्य उच्च पथ (एसएच) और वृहद जिला पथ (एमडीआर) पर स्थित पुलों की रिपोर्ट पथ निर्माण विभाग को मिल गयी है. पथ निर्माण विभाग की तरफ से कराए जा रहे सर्वे में अब तक राज्य के 12 पुल खतरनाक पाए गए हैं. इन 12 पुलों की हालत बहुत ही जर्जर है और तत्काल मरम्मती नहीं हुई तो कोई भी अनहोनी हो सकती है और जान-माल का नुकसान होने की आशंका है. सर्वे का काम पूरा होने के बाद और भी खतरनाक पुलों की पहचान होने की उम्मीद है. पथ निर्माण विभाग ने जर्जर पुलों की मरम्मति के लिए पहल शुरू कर दी है.
एक्सपेंशन ज्वांयट में समस्या
पुलों की सर्वे रिपोर्ट बताती है कि बड़ी संख्या में पुल ऐसे हैं, जिसके एक्सपेंशन ज्वांयट में समस्या दिख रही. बियरिंग टूट रहे और कई जगहों पर पुल की रेलिंग भी टूटी मिली है. एक-दो जगहों पर पुल के पाये में भी समस्या दिखी है. पुलों के सेहत का सर्वे करने निकले इंजीनियरों की टीम ने पुल के सभी हिस्सों को देखा है. उसकी वीडियोग्राफी भी करायी गयी है। एक-दो जगहों पर पुल के पाए में भी कुछ समस्या दिख रही. इंजीनियरों का कहना है कि पुलों की स्थिति ऐसी नहीं कि वह साल-दो साल में गिर जाएगा. मरम्मत कर और लोड को डाइवर्ट कर समस्या का समाधान किया जा सकता है.
लगभग 900 पुलों की जांच की जानी
पथ निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 900 पुलों की जांच की जानी है. बड़े पुल के अलावा छोटे पुलों का भी सर्वे किया जा रहा. जो छोटे पुल रोड मेंटेनेंस पालिसी से आच्छादित हैं, उनको भी इस सर्वे के क्रम में देखा जा रहा. अभी जिन पुलों के बारे में रिपोर्ट पथ निर्माण विभाग को मिली है उनमें अधिकतर का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा कराया गया है.
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लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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