Bihar Bhumi: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे को लेकर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ताबड़तोड़ आदेश जारी कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये एक पोस्ट शेयर किया, जिसके बाद जमीन माफियाओं, दलालों और फर्जी दस्तावेज देने वालों के बीच हड़कंप मच गया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि जमीन माफिया, दलालों और फर्जी दस्तावेज देने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जायेगी.
ये सभी गंभीर धाराएं होंगी लागू
अपने एक्स अकाउंट के जरिये किए गए एक पोस्ट में उन्होंने क्लियर कर दिया है कि निजी या रैयती जमीन के मामलों में जांच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी. अगर पहले से फर्जी दस्तावेज पर आदेश हो चुका है, तो कानूनी समीक्षा कर कार्रवाई होगी. इतना ही नहीं, FIR दर्ज नहीं करना या मामला दबाना गंभीर लापरवाही और कदाचार माना जाएगा. ऐसी स्थिति में संबंधित अंचलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे.
मंत्री विजय सिन्हा ने यह भी साफ कर दिया कि ऐसा होने पर कूटरचना (कोई भी व्यक्ति जो झूठा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाता है), फर्जी दस्तावेज का उपयोग, छल और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं लागू होंगी. सुशासन, पारदर्शिता और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित है.
जमीन के मामलों में फर्जीवाड़े की जगह नहीं
एक अन्य पोस्ट में विजय सिन्हा ने यह भी लिखा कि जमीन से जुड़े मामलों में अब फर्जीवाड़े की कोई जगह नहीं है. नामांतरण, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, बंदोबस्ती, सीमांकन, भू-अर्जन और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेज मिलने पर आपराधिक कार्रवाई अनिवार्य है. जाली दस्तावेज देने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत FIR दर्ज होगी. साथ ही फर्जी कागजात के आधार पर कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाएगा. इस तरीके से कहीं ना कहीं इस एक्शन को माफियाओं, दलालों और फर्जी दस्तावेज देने वाले के खिलाफ मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है.

