बिहार भूमि पोर्टल पर बड़ा बदलाव: FIFO व्यवस्था 30 जून तक स्थगित, सभी जिलों के अधिकारियों को दिए गए निर्देश

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 01 Apr 2026 6:39 PM

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विजय कुमार सिन्हा की फाइल फोटो

Bihar Bhumi: बिहार भूमि पोर्टल पर आवेदनों के निपटारे को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. FIFO व्यवस्था को 30 जून 2026 तक स्थगित कर दिया गया है, ताकि प्राथमिकता वाले मामलों का तेजी से निष्पादन किया जा सके.

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Bihar Bhumi: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि पोर्टल को लेकर बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने आवेदनों के निष्पादन के लिए लागू FIFO (First In First Out) व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया है. इस संबंध में उप निदेशक मोना झा द्वारा आदेश जारी किया गया है. इस फैसले का उद्देश्य प्राथमिकता वाले मामलों को तेजी से निपटाना है.

क्या है FIFO व्यवस्था और क्यों रोकी गई?

FIFO यानी ‘पहले आए, पहले पाएं’ के आधार पर पोर्टल पर आवेदनों का निपटारा किया जाता था. लेकिन अब इस व्यवस्था को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, ताकि जरूरी और संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता दी जा सके. इससे अधिकारियों को जरूरी फाइलों पर पहले काम करने की सुविधा मिलेगी.

SC-ST मामलों और शिकायतों को मिलेगी प्राथमिकता

विभाग ने साफ किया है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से जुड़े भूमि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए यह कदम उठाया गया है. इसके अलावा ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ के तहत मिलने वाली शिकायतों और आवेदनों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा.

30 जून 2026 तक बढ़ाई गई समय सीमा

पहले इस व्यवस्था को 31 मार्च 2026 तक के लिए स्थगित किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया गया है. विभाग ने कहा है कि इस अवधि के बाद पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार FIFO को फिर से लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा.

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

इस आदेश की जानकारी बिहार के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों (DM), अपर समाहर्ताओं और अंचलाधिकारियों को भेज दी गई है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि नए नियम के तहत प्राथमिकता वाले मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित करें.

NIC को तकनीकी बदलाव के निर्देश

विभाग ने नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को भी पोर्टल में जरूरी तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नई व्यवस्था लागू करने में किसी तरह की दिक्कत न हो और आवेदनों का निष्पादन सुचारू रूप से चलता रहे.

लोगों को क्या होगा फायदा?

इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जिनके मामले लंबे समय से लंबित हैं, खासकर SC-ST वर्ग और जन शिकायतों से जुड़े आवेदनों को तेजी से निपटाया जा सकेगा. इससे प्रशासनिक कामकाज में भी गति आएगी और लोगों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी.

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By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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