बिहार में 2000 पदों पर होगी मत्स्य सहायकों की बहाली, जानें योग्यता, वेतन और कब शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया
AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर
Bihar Matsya Sahayak Recruitment: बिहार सरकार जल्द ही 2 हजार पंचायतों में मत्स्य सहायकों की नियुक्ति करेगी. नियमित आधार पर होने वाली इस भर्ती से मछली पालकों को तकनीकी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा. साथ ही राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी.
Bihar Matsya Sahayak Recruitment: बिहार सरकार राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार ने फिलहाल 2 हजार पंचायतों में मत्स्य सहायकों की नियुक्ति करने का फैसला किया है. इससे मछली पालन करने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा. साथ ही तालाब निर्माण, मत्स्य पालन और तकनीकी सलाह भी आसानी से उपलब्ध होगी.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगी भर्ती
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने मत्स्य सहायकों के पद सृजित करने का प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग की प्रशासी पदवर्ग (Administrative Class) समिति को भेज दिया है. समिति की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा. कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इन पदों पर भर्ती बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी.
पहले इन पदों पर संविदा (Contract) के आधार पर नियुक्ति की योजना थी, लेकिन अब सरकार ने नियमित (Permanent) नियुक्ति का फैसला किया है.
क्या होगी योग्यता?
मत्स्य सहायक बनने के लिए अभ्यर्थी के पास फिशरीज (मात्स्यिकी) में स्नातक या समकक्ष डिग्री होना अनिवार्य होगा. इससे अधिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकेंगे. भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर होगी, जिसका आयोजन बिहार तकनीकी सेवा आयोग करेगा.
कितना मिलेगा वेतन?
मत्स्य सहायकों का वेतन और अन्य भत्ते कृषि विभाग के कृषि समन्वयक के समान होंगे.
पे ग्रेड: 2800 रुपये
मूल वेतन: 5,200 से 20,200 रुपये
अन्य सरकारी भत्ते भी नियमानुसार दिए जाएंगे.
क्यों जरूरी है यह नियुक्ति?
बिहार सरकार ने अगले तीन वर्षों में राज्य में सालाना 25 लाख टन मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा है. वर्तमान में राज्य में करीब 10.28 लाख टन मछली का उत्पादन होता है. जरूरत पूरी करने के लिए अभी आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों से मछली मंगानी पड़ती है.
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
फिलहाल पंचायत स्तर पर मत्स्य अधिकारियों की कमी है. इसके कारण मछली पालकों को समय पर तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती.
मत्स्य सहायकों की नियुक्ति के बाद किसानों को तालाब निर्माण, समेकित खेती, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा. इससे राज्य में मछली उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी सुधार होने की उम्मीद है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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