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बिहार में है सिनेमा का असली जुनून, पटना में बोले राजकुमार राव– “थिएटर में फिल्म देखने का मजा ही कुछ और है”

Updated at : 22 May 2025 1:01 PM (IST)
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Bhool Chuk Maaf

Bhool Chuk Maaf ('भूल चूक माफ़' फ़िल्म की टीम प्रभात खबर के स्टूडीओ में)

Bhool Chuk Maaf: फिल्म ‘भूल चूक माफ’ के प्रमोशन के लिए अभिनेता राजकुमार राव और अभिनेत्री वामिका गब्बी पटना पहुंचे. यहां उन्होंने बिहार से अपने जुड़ाव, फिल्म के संदेश और थिएटर बनाम ओटीटी पर खुलकर बातचीत की. दर्शकों से फिल्म देखने और रिश्ते सुधारने की अपील भी की.

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Bhool Chuk Maaf: बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव और अभिनेत्री वामिका गब्बी अपनी आगामी फिल्म ‘भूल चूक माफ’ के प्रमोशन के सिलसिले में पटना पहुंचे. यहां उन्होंने एक खास इंटरव्यू में प्रभात खबर से बातचीत की और फिल्म के पीछे की सोच, बिहार से जुड़ा अपनापन और थिएटर बनाम ओटीटी जैसे कई अहम मुद्दों पर खुलकर राय रखी.

“बिहार मेरे दिल के सबसे करीब है” – राजकुमार राव

पटना की अपनी यात्रा को लेकर राजकुमार राव ने कहा, “बिहार आना हमेशा एक अलग एहसास देता है. यहां की मिट्टी में जो अपनापन है, वो कहीं और नहीं मिलता.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्मों के लिए दर्शकों का जो उत्साह बिहार में दिखता है, वो मिसाल है.

“यह मेरी पहली कॉमेडी फिल्म है” – वामिका गब्बी

अभिनेत्री वामिका गब्बी के लिए यह फिल्म कई मायनों में खास है। उन्होंने कहा, “‘भूल चूक माफ’ मेरी पहली कॉमेडी फिल्म है, लेकिन इसका संदेश बहुत गहरा है. बनारस में शूटिंग का अनुभव शानदार रहा। इस शहर की सादगी और मिठास ने फिल्म को एक अलग आत्मा दी है.”

निर्देशक करण बोले – “बनारस का चयन सोच-समझकर किया”

फिल्म के निर्देशक करण ने बताया कि इस कहानी की जड़ें उनके अपने अनुभवों से निकली हैं. उन्होंने कहा, “हम सभी जीवन में गलती करते हैं, लेकिन माफी मांगना और माफ करना बहुत जरूरी होता है. मैं इस संवेदनशील विषय को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाना चाहता था, इसलिए बनारस जैसा शहर चुना, जहां की हवा में ही एक सरलता है.”

“ओटीटी की अपनी जगह है, लेकिन थिएटर की बात ही अलग है”

बिहार में सिनेमा के बदलते स्वरूप पर बातचीत करते हुए निर्देशक करण ने कहा कि “आज भी बिहार में सिनेमा हॉल जाने का जोश जिंदा है.ओटीटी सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिन्हें थिएटर में देखने का अनुभव ही असली होता है.”

फिल्म का संदेश – “माफी मांगना और माफ करना दोनों जरूरी”

राजकुमार राव ने बताया कि फिल्म आज की पीढ़ी के लिए एक अहम सीख लेकर आती है. “आजकल के रिश्तों में संवाद की कमी है. अगर युवा यह समझें कि गलती को स्वीकार करना और माफी मांगना कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है, तो रिश्ते और समाज दोनों बेहतर हो सकते हैं.”

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दर्शकों के लिए अपील – “फिल्म देखें और रिश्तों में संवाद बढ़ाएं”

राजकुमार और वामिका दोनों ने दर्शकों से अपील की कि वे फिल्म को जरूर देखें. “अगर आपके किसी पुराने रिश्ते में कोई गलती रह गई है, तो उसे सुधारिए. माफ करना सीखिए, क्योंकि यही फिल्म का सार है.”

‘भूल चूक माफ’ एक ऐसी फिल्म है जो हल्के-फुल्के अंदाज में गहरी बातें कहती है. इसके प्रमोशन के दौरान पटना की ज़मीन पर उतरे कलाकारों ने न सिर्फ फिल्म के बारे में बताया बल्कि बिहार और यहां की सांस्कृतिक आत्मा को भी सराहा.

रिपोर्ट- मानसी सिंह

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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