Bihar News: पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को एक साल की सजा, 33 साल पुराने मामले में कोर्ट का आया फैसला
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 24 Sep 2025 11:21 AM
सूरजभान सिंह की तस्वीर
Bihar News: बिहार के बेगूसराय में 33 साल पुराने मामले में कोर्ट ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को एक साल और भाजपा नेता रामलखन सिंह व उनके सहयोगी वीरेंद्र ईश्वर को चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई. रामलखन और वीरेंद्र को जेल भेजा गया, जबकि सूरजभान को जमानत मिली.
Bihar News: बिहार के बेगूसराय में एमपी-एमएलए कोर्ट के जज संजय कुमार ने 33 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को एक साल, भाजपा नेता रामलखन सिंह और उनके सहयोगी वीरेंद्र ईश्वर उर्फ शोषण सिंह को चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई. रामलखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया, जबकि सूरजभान सिंह को सजा कम होने के कारण तुरंत जमानत मिल गई.
क्या है पूरा मामला?
यह केस 9 अक्टूबर 1992 की घटना से जुड़ा है. आरोप है कि एफसीआई थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मोम फैक्ट्री में हथियारबंद बदमाश छिपे हुए हैं. यह मोम फैक्ट्री रामलखन सिंह चला रहे थे. मुखबिर की सूचना पर एफसीआई और अन्य थानों की पुलिस फैक्ट्री पर छापेमारी करने पहुंची, तब आरोपियों ने फायरिंग की.
रामलखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को किया गया था गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने रामलखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को गिरफ्तार किया, जबकि सूरजभान सिंह वहां से भागने में सफल रहे. एफसीआई सहायक थाना में बरौनी थाना कांड संख्या 406/92 दर्ज किया गया. इस मामले में कुल 12 गवाहों की गवाही हुई और तत्कालीन डीएम रामेश्वर सिंह ने भी कोर्ट में उपस्थित होकर बयान दिया.
अलग-अलग धाराओं में तीन आरोपी दोषी
एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाया है. रामलखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को धारा 307 में चार साल, धारा 353 में एक साल, आर्म्स एक्ट में चार साल, धारा 26 में तीन साल और धारा 27 आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा सुनाई. पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को केवल धारा 353 में एक साल की सजा दी गई. सूरजभान सिंह के वकील मंसूर आलम की जमानत की अपील को जज ने मंजूर कर दिया.
राजनीतिक और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
सूरजभान सिंह अंडरवर्ल्ड में अपनी पकड़ रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन शुरुआती दौर में वे रामलखन सिंह के सहयोगी रहे. रामलखन सिंह, भाजपा के शुरुआती दिनों में बलिया से लोकसभा और बरौनी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. वहीं, सूरजभान सिंह 2004 में लोजपा के टिकट पर बलिया सीट से सांसद बने थे.
Also Read: NDA Seat Sharing: JDU 102 और BJP 101, जानिए चिराग और मांझी की पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं…
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










