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संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर हमला संविधान पर हमला है: राज्यपाल

Updated at : 21 Jan 2025 8:40 PM (IST)
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संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर हमला संविधान पर हमला है: राज्यपाल

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने आचरण में मर्यादा और गरिमा के उच्च मानकों का पालन करना चाहिए.

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पीठासीन सम्मेलन : दुनिया को हमारी लोकतांत्रिक मूल्यों से मिली सीख संवाददाता, पटना राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने आचरण में मर्यादा और गरिमा के उच्च मानकों का पालन करना चाहिए. उन पर कोई भी हमला संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है. राज्यपाल मंगलवार को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेल के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि राजनीति का मतलब त्याग करना, ज्ञान प्राप्त करना, संस्कारी होना और सभी को अपने दिल में समाहित करने की क्षमता है. लोक कल्याण में विधायी निकायों की महत्वपूर्णं भूमिका होती है. पीठासीन अधिकारियों को लोक कल्याण की दिशा में काम करना चाहिए,ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंच सके. पीठासीन पदाधिकारी सम्मेलन में लिये गये फैसले से हमारा लोकतंत्र और मजबूत होगा. राज्यपाल ने भारतीय संविधान के निर्माण में डा. आंबेडकर समेत उन तमाम विभूतियों के योगदान की चर्चा की और भारतीय संसदीय प्रणाली को दुनिया के लिए प्रेरणादायी बताया.उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्राचीन और पहली संस्कृति है जो दुनिया को अध्यात्मिक, लोकतांत्रिक मूल्य और आदर्श की सीख देती है.बिहार गणतंत्र की भूमि है, जहां से महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह का सफल प्रयोग किया. केंद्र और राज्यों के आपसी संबंधों पर चर्चा होनी चाहिए: अवधेश नारायण सिंह विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत केंद्र और राज्यों के आपसी संबंधों पर चर्चा होनी चाहिए है.राज्यों के विधानमंडल को भी कुछ कानून बनाने का अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि विधानमंडल का मूल्यवान समय जनकल्याण और विधायी कार्यों में उपयोग किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक दबाव बनाने के लिए, श्री सिंह ने कहा कि सदन की कार्यवाही में जनहित को प्राथमिकता देना सार्वजनिक सेवा के लिए आवश्यक है.उन्होंने विधायी और राजनीतिक प्रक्रियाओं में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर भी जोर दिया.सभापति ने प्रधान मंत्री द्वारा लॉन्च किए गए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) की सराहना की और कहा इससे संसदीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है.उन्होंने इसका उपयोग स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में विस्तार करने का सुझाव दिया. पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्देश्य संसदीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाना है: नंद किशोर यादव विधान सभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य न केवल संसदीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाना है, बल्कि संसदीय प्रणाली की पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देना भी है. उन्होंने कहा कि पूर्व में इस पीठासीन अधिाकारी सम्मलेन में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों, जैसे कि विधायी कार्यों की गुणवत्ता में सुधाार, संसदीय आचार संहिता का पालन, और विधायिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा होती रही हैं. उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन पीठासीन अधिकारियों को सदन की कार्यवाही को अधिक सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा.उन्होंने कहा कि हमारे सामने जो चुनौतियां हैं, वे किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं हैं, बल्किसभी को मिलकर इनका समाधाान निकालना होगा. श्री यादव न कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सदन कार्यवाहियां संविधाान के मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप हों.बिहार विधान परिषद के उपसभापति श्री रामवचन राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी अपने विचार रखे.

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