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नीतीश कुमार की शराबबंदी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिला कानूनी सपोर्ट

Updated at : 15 Dec 2016 3:22 PM (IST)
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नीतीश कुमार की शराबबंदी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिला कानूनी सपोर्ट

पटना :राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे करीब पांच सौ मीटर दूर तक शराब की दुकानों को बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले सेबिहार में शराबबंदी को बड़ा सपोर्ट मिल गया है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को देश के सभी एनएच के किनारे करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर शराब की दुकानों को बंद करने का […]

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पटना :राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे करीब पांच सौ मीटर दूर तक शराब की दुकानों को बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले सेबिहार में शराबबंदी को बड़ा सपोर्ट मिल गया है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को देश के सभी एनएच के किनारे करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की पीठ ने सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर शराब की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है. अदालत ने सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और राजमार्गों पर शराब की दुकानों को बंद करवाने के लिए अगले पांच अप्रैल तक की समय सीमा निर्धारित की है. उसने अपने आदेश में कहा है कि इन शराब की दुकानों के लाइसेंस को एक अप्रैल के बाद रिन्युअल नहीं किया जायेगा.

सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे शराब की बिक्री पर रोक लगाने के फैसले का बिहार के जदयू और राजद नेताओं ने सराहना भी की है. मुख्य रूप से जदयू के नेताओं ने इस फैसले से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति पर सुप्रीम कोर्ट का कानूनी सपोर्ट बताया है. इस फैसले से बिहार में शराबबंदी को और ताकत मिलने की बात कही जा रही है.

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कहा कि उनकी पार्टी ने बिहार में शराबबंदी का फैसला किया. उन्होंने कहा कि तमाम आलोचनाओं के बावजूद हम आज भी अपने फैसले पर डटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में गुजरात की तरह का माहौल नहीं है कि शराबबंदी का कानून बनाने के बाद भी राज्य में शराब की बिक्री हो रही है. त्यागी ने कहा कि कोर्ट ने भी माना कि शराबबंदी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुहिम अब सामने आ रही है. हम इस फैसले से बहुत ही खुश हैं.

वहीं, जदयू के नेता संजय सिंह ने कहा कि बिहार सरकार की नीतियों पर अब पूरे देश को चलना होगा. अब केंद्र सरकार को भी शराबबंदी पूरे देश में लागू करने के लिए सोचना होगा. हमारे मुख्यमंत्री जो मुहिम चला रहे हैं और शराबबंदी को पूरे देश में लागू करने की बात कर रहे हैं. आज सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे कानूनी समर्थन प्रदान किया है. इसके अलावा, राजद नेता आलोक मेहता ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अहम है.

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