नौ माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना बंद : मोदी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Nov 2016 6:54 AM

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पटना : पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राज्य के 63 लाख से अधिक वृद्ध, विधवा व दिव्यांग को पिछले नौ माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन व बीपीएल परिवार को एक साल से कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. राष्ट्रीय व मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना तथा बिहार शताब्दी […]

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पटना : पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राज्य के 63 लाख से अधिक वृद्ध, विधवा व दिव्यांग को पिछले नौ माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन व बीपीएल परिवार को एक साल से कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. राष्ट्रीय व मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना तथा बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना का भी यही हाल है. जिलों में जाकर निश्चय योजना की समीक्षा कर रहे मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि सबसे दबे-कुचले लोगों को पेंशन व अनुदान का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है? मोदी ने कहा है कि 63 लाख से अधिक वृद्ध, विधवा व दिव्यांग पेंशनधारियों में से मात्र 10 प्रतिशत को ही अब तक पेंशन का भुगतान किया गया है.
90 प्रतिशत पेंशनधारी को पिछले नौ माह से दो साल से पेंशन नहीं मिल रहा है. केंद्र से मिली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बैंकों में पड़ी है, मगर खाता खोलने की आड़ में सरकार लाखों पेंशनधारियों को पेंशन का भुगतान नहीं कर रही है.
एनडीए गंठबंधन की सरकार के दौरान शुरू की गयी कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना में मिलने वाली तीन हजार रुपये की मदद भी पिछले एक साल से बंद है. वहीं पिछले आठ माह से राष्ट्रीय व मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना तथा बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना की राशि जिलों में उपलब्ध नहीं है. दरअसल शराबबंदी के बाद चरमरायी आर्थिक स्थिति की वजह से सरकार कोई न कोई बहाना बना कर पेंशन व अनुदान का भुगतान नहीं कर रही है.
केंद्र में बैठे लोग झूठ बोलने में माहिर : संजय
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा है कि भाजपा नेता सुशील मोदी और केंद्र सरकार में बैठे लोग झूठ बोलने में माहिर हैं. यह उनका पुराना सिद्धांत है. इनका झूठ बार-बार प्रकट होता रहता है. इनका वादा था युवाओं को रोजगार दिलायेंगे, भ्रष्टाचार खत्म करेंगे, महंगाई कम करेंगे, ये सब कुछ नहीं हुआ? आर्थिक मोरचे पर पूरी तरह विफल हो गये हैं. विकास की बात ये लोग सिर्फ जनता को आकर्षित करने के लिए कहते रहे हैं.
विकास इनका मूल एजेंडा नहीं है. उन्होंने कहा कि समाज को बांटना और समाज के लोगों को भड़काना इनका असली एजेंडा है. उस पर ये काम कर रहे हैं. देश इसको स्वीकार नहीं कर सकता. झूठ के सहारे ये भावनात्मक मुद्दे को उभारना चाहते हैं. इसमें ये कामयाब नहीं होंगे. हर मसले पर इनका झूठ सामने आ रहा है. ढाई साल बीत गये, कोई उपलब्धि नहीं है. सिर्फ ये भाषण दे रहे हैं. विकास कैसे होगा? इसका कोई नजरिया नहीं है.
जब देखेंगे कि हर तरफ से पिट गये तो कोई न कोई भवनात्मक मुद्दा उठा कर लोगों का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे. इससे सभी को सचेत रहने की जरूरत है. संजय सिंह ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन योजना, राष्ट्रीय पेंशन योजना की राशि अब सीधे लाभुकों के खाते में जायेगी. 60 से 79 आयु वर्ग के लाभुकों को चार सौ रुपये प्रति माह और 80 से अधिक आयु वर्ग के लाभुकों को पांच सौ रुपये प्रति माह पेंशन मिलने का प्रावधानहै. अब इससे बेसहारों की राशि की हकमारी नहीं हो पायेगी. हालांकि इस प्रक्रिया के पूरी होने में एक-दो महीने का समय लग सकता है.
लाभुकों के खाते में राशि भेजने के लिए संविदा पर नियोजित कार्यपालक सहायकों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है. खाते में राशि भेजने से लाभुक अब आर्थिक शोषण से बच सकेंगे. पेंशन के लिए लाभुकों को पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर सरकारी बाबुओं के आगे-पीछे करनी पड़ती है. काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें पेंशन की राशि मिल पाती है. कई बार ऐसी भी शिकायत सामने आ चुकी है कि लाभुकों के पेंशन की राशि में हेराफेरी की जाती है, लेकिन अब लाभुकों के खाते में राशि भेजे जाने की सुविधा से उन्हें राहत मिलेगी. अब पेंशन की राशि में हकमारी नहीं हो सकेगी और न ही लाभुकों को सरकारी बाबुओं व पंचायत प्रतिनिधियों के पास चक्कर लगाना पड़ेगा.
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