ePaper

ड्रीमगर्ल के जवाब में शबाना आजमी को उतारेगा वाम दल

Updated at : 09 Oct 2015 5:41 AM (IST)
विज्ञापन
ड्रीमगर्ल के जवाब में शबाना आजमी को उतारेगा वाम दल

पटना. चुनाव प्रचार में भले ही वाम ब्लॉक ने हवाई जहाज न उड़ाया हो, किंतु सिने स्टारों को अपने चुनाव प्रचार अभियान में उतारने की तैयारी में पीछे छूटने को राजी नही है. वाम दल शबाना आजमी को चुनाव प्रचार अभियान में उतारने की तैयारी कर रहा है. भाकपा ने अपने महाराष्ट्र सचिव को शबाना […]

विज्ञापन
पटना. चुनाव प्रचार में भले ही वाम ब्लॉक ने हवाई जहाज न उड़ाया हो, किंतु सिने स्टारों को अपने चुनाव प्रचार अभियान में उतारने की तैयारी में पीछे छूटने को राजी नही है. वाम दल शबाना आजमी को चुनाव प्रचार अभियान में उतारने की तैयारी कर रहा है. भाकपा ने अपने महाराष्ट्र सचिव को शबाना आजमी को इसके लिये राजी करने का जिम्मा सौंपा है. शबाना आजमी यदि बिहार में चुनाव सभा करने को राजी हो गयीं, तो वाम दल उन्हें ड्रीमगर्ल के जबाव में उतारेगा. बिहार चुनाव में अब तक भाजपा ने ही सिने स्टार हेमा मालिनी की चुनावी सभायें करायी हैं.
हेमा मालिनी सिने स्टार के साथ-साथ पार्टी की सांसद भी हैं. चर्चा है कि दो दिन पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय पदाधिकारी बनी सिने स्टार नगमा को महागंठबंधन अपने चुनाव प्रचार अभियान से जोड़ सकता है. वाम दलों के पक्ष में पिछले चुनावों में स्व एके हंगल, ओम पुरी और दीना पाठक ने कई चुनाव सभाएं की थी. उनकी चुनावी सभाओं का असर भी दिखा था. सीपीआई को शबाना आजमी की चुनाव सभा कराने के लिये उनके हवाई सफर का भी प्रबंध करना होगा.
अभी तक वाम दलों के सांसद-विधायकों ने ही अपने-अपने कोटे से बिहार में हवाई यात्राएं की हैं. यदि शबाना चुनाव सभाएं करने को तैयार हो गयीं, तो वाम दल तीसरे चरण के इलेक्शन में उनका इस्तेमाल करेगा. महाराष्ट्र भाकपा के प्रदेश सचिव से वाम समर्थक अन्य सिने स्टारों से भी चुनाव प्रचार के लिये संपर्क करने का आग्रह किया गया है.
वाम दलों ने अपने स्टार प्रचारकों के रूप में अब-तक सिर्फ राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को ही उतारा है. वाम दलों ने असम, बंगाल, केरल और झारखंड के सांसद-विधायकों का इस्तेमाल चुनाव-प्रचार में किया है. उनके अलावा सीपीआई, माकपा और भाकपा-माले के राष्ट्रीय महा सचिवों क्रमश: दीपंकर भट्टाचार्य, ए सुब्बा रेड्डी और सीताराम येचुरी की कई चुनाव सभाएं हुई हैं. इनकी चुनावी सभाएं पांचों चरणों तक होंगी.
बअऊा इहा चुनाव बहुतै टाइट छै
नाव के दौरान जब आप यात्रा करते हैं और लोगों की बातें सुनते हैं तो एकबारगी लगता है कि लोगों के भीतर कितना गुस्सा है और फिर लगता है कि क्या हम उस गुस्से को चुनाव के वक्त के लिए ही दबाए रखते हैं? बेगूसराय िले में पड़ने वाले बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में हमारी मुलाकात जब सुरेश से होती है तो वह कहते सरकार पर और विपक्ष, दोनों से वे परेशान हैं. उन्हें दलों के नारों से दिक्कत है, पार्टी के कामकाज से दिक्कत है.​ ​यहीं एक चाय दुकान पर हमारी मुलाकात होती है एक छात्र अरविंद सिंह से. वे बताते हैं कि अब आप कोई सवाल करिएगा तो हम पहले ही भांप लेते हैं कि आप पूछना क्या चाहते हैं. अरविंद ने कहा कि चुनाव के वक्त मीडिय़ा की सक्रियता हम सभी के भीतर सोए पत्रकार को जगा देती है साथ ही हम जैसे अनाड़ी को भी चुनावी गणित समझ आने लगता है.
बेगूसराय में हमारी मुलाकात एक हकीम साहब से होती है. उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार में नीतीश फिर सत्ता में आएं. उन्होंने कहा, ‘’जहां बिहार है, वहां बहार है. इसके बाद भी बिहार की जनता को लोग बेवकूफ कहते थे, लेकिन नीतीश ने इस धारणा को उलट दिया है. हम चाहेंगे कि नीतीश फिर मुख्यमंत्री बनें.’’ हकीम साहेब जहां कहते हैं कि भाजपा गठबंधन में भी जगह-जगह विरोध है. वहीं यहां बस स्टेंड के करीब एक चाय दुकान पर रमेश साहनी से मुलाकात होती है. वे कहते हैं कि गठबंधन में सब कुछ अनुकूल नहीं होता है. सामने वालों का भी बराबर का ध्यान रखना पड़ता है.’ मोदी को लेकर लोगबाग खूब बात कर रहे हैं. यहां एक चौक पर कुछ लोग बतकही कर रहे थे, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही बात हो रही थी. किताब दुकान चलाने वाले मिथिलेश कहते हैं कि प्रधानमंत्री जी ने जितनी रैली महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली में नहीं की होगी उससे ज्यादा बिहार में करने जा रहे हैं.
यहीं पान की दुकान पर एक बूढ़ी महिला मिलती है. तबांकू खरीदने आई उस महिला से जब हमने बात की शुरुआत की तो उन्होंने कहा- बौआ, इलेक्शन टाइट छै. इंदिरा आवास दिला सकते हैं आप…खाली लोग से बात करते हैं कि कुछ काम भी करते हैं” उधर, जीतन राम मांझी का कहना है कि बिहार चुनाव में राजग (एनडीए) के सभी सहयोगी दलों में वे ‘सबसे लोकप्रिय चुनाव प्रचारक’ हैं. उन्होंने यह भी दावा किया है कि चुनाव में राजग के अन्य घटक दलों के मुकाबले उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा. उनका दावा है कि हर जगह लोग उन्हें देखना चाहते हैं.
मांझी ने दावा किया कि गरीब लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान ने उनसे अनुरोध किया कि वह अलौली में टेलिफोन के माध्यम से एक चुनावी सभा को संबोधित करें. अलौली से पासवान के भाई और लोजपा के प्रदेशाध्यक्ष पशुपति पारस चुनाव लड़ रहे हैं. सचमुच राजनीति में दावों का बड़ा महत्व होता है. बिहार में तो अभी हर कोई दावा ही कर रहा है. इन सबके बीच हाजीपुर समाहरणालय मुख्य द्वार के समीप बुधवार को उस समय
अजीबो गरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी जब राघोपुर विधानसभा का एक निर्दलीय प्रत्याशी सुभाषचंद्र यादव भैंस पर अपना नामांकन करने पहुंच गए स्थिति तब और बिगड़ गयी जब गेट पर पहुंचते ही भैंस बिदक गयी. प्रत्याशी की दलील सुनने लायक है. उन्होंने कहा कि वह खांटी यादव हैं, इसी कारण भैंस पर सवार होकर वह अपना नामांकन करने पहुंचे थे. राजनीतिक गलियारे से निकलकर यदि आप चौक-चौराहों पर जाएंगे तो यह कहानी खूब सुनने को मिलेगी. लोगबाग मिर्च-मसाला लगाकर भैंस वाली कहानी सुना रहे हैं. बाद बांकी जो है सो तो हइए है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन