इंडिया टीवी-सी वोटर का बिहार विधानसभा चुनाव पर पहला सर्वे : नीतीश को बढत
Updated at : 10 Sep 2015 4:55 PM (IST)
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नयी दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागंठबंधन और भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए की चुनावी संभावनाओं पर पहला सर्वे आया है. यह सर्वे इंडिया टीवी और सी-वोटर ने किया है. इस सर्वे में नीतीश कुमार-लालू यादव के गंठबंधन को चुनावी जंग में एनडीए पर बढत बनाते हुए दिखाया […]
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नयी दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागंठबंधन और भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए की चुनावी संभावनाओं पर पहला सर्वे आया है. यह सर्वे इंडिया टीवी और सी-वोटर ने किया है. इस सर्वे में नीतीश कुमार-लालू यादव के गंठबंधन को चुनावी जंग में एनडीए पर बढत बनाते हुए दिखाया गया है.
इस सर्वे के मुताबिक बिहार नीतीश, लालू व कांग्रेस का गंठबंधन मौजूदा हाल में बिहार में 116 से 132 सीटें जीत सकता है, जबकि भाजपा के नेतृत्व में लोजपा, आरएलएसपी व हम 94 से 110 सीटें जीत सकते हैं. जबकि दूसरे गंठबंधन या दल 13 से 21 सीटें जीत सकते हैं.
10, 638 सर्वे वोटरों का सैंपल कलेक्शन
बिहार चुनावों को लेकर यह पहले सर्वे है. इस सर्वे के संबंध में सी -वोटर ने कहा है कि यह राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में 10, 638 मतदाताओं से रैंडम यानी आकस्मिक रूप से पूछे गये सवालों के आधार पर कलेक्ट किये गये सैंपल पर आधारित हैं.
यह सर्वे अगस्त के आखिरी सप्ताह व सितंबर के पहले सप्ताह में संग्रहित किये गये सैंपल पर आधारित है.
सी वोटर ने कहा है कि इस सर्वे के लिए संग्रहित किये गये सैंपल में राज्य स्तर पर तीन प्रतिशत व क्षेत्र स्तर पर पांच प्रतिशत तक त्रुटि की संभावना है.
नीतीश कुमार सबसे लोकप्रिय नेता
इस सर्वे में जब लोगों से यह पूछा गया कि आपकी नजर में सबसे अच्छा मुख्यमंत्री कौन साबित हो सकता है, तो 53 प्रतिशत लोगों ने नीतीश कुमार का नाम लिया. जबकि मात्र 18 प्रतिशत लोगों ने भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी का नाम लिया. पांच प्रतिशत लोगों ने लालू प्रसाद व पांच प्रतिशत लोगों ने ही शत्रुघ्न सिन्हा के पक्ष में समर्थन जताया.
43 प्रतिशत वोटर महागंठबंधन तो 40 प्रतिशत एनडीए के साथ
इस सर्वे के अनुसार, अगर अभी चुनाव हो तो 43 प्रतिशत वोट नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागंठबंधन के पक्ष में जायेगा और 40 प्रतिशत वोट भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गंठबंधन के पक्ष में जायेगा. जबकि 17 प्रतिशत वोट दूसरे दलों को जायेंगे.
बदलाव के लिए वोट
56 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह चुनाव बदलाव के लिए है. 44 प्रतिशत ने कहा नहीं, यह चुनाव बदलाव के लिए नहीं है. 52 प्रतिशत ने कहा कि सीएम बदलना चाहिए, जबकि 48 प्रतिशत ने कहा कि नहीं सीएम नहीं बदलना चाहिए. सबसे अहम बात यह कि 70 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके वर्तमान विधायक बदलने चाहिए.
विकास पर सवाल
जब लोगों से यह पूछा गया कि कौन बिहार का विकास करेगा, तो 36 प्रतिशत ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गंठबंधन, जबकि 25 प्रतिशत ने कहा कि नीतीश, लालू व कांग्रेस का गठजोड विकास करेगा. लोगों से जब पूछा गया कि बिहार के मौजूदा पिछडेपन के लिए कौन जिम्मेवार है, तो 52 प्रतिशत ने इसके लिए राज्य सरकार को, जबकि 35 प्रतिशत ने केंद्र सरकार को जिम्मेवार बताया.
2010 का चुनाव परिणाम
2010 के चुनाव में भाजपा, जदयू का गंठबंधन राज्य में 206 सीटें जीतने में सफल हुआ था. उस समय लालू प्रसाद व पासवान एक साथ थे, जो कुल मिला कर मात्र 25 सीटें जीत सके थे. वहीं, जब 2014 का लोकसभा चुनाव हुआ, तो जदयू भाजपा से अलग हो चुका था, ऐसे में वह अकेले चुनाव मैदान में कूदा और दो सीटों तक सीमित रह गया. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा, लोजपा व आरएलएसपी के गंठबंधन ने 174 विधानसभा सीटों पर बढत बनायी थी. जबकि लालू व नीतीश अलग-अलग लडे थे और दोनों मात्र 51 विधानसभा सीट पर बढत बनाने में कामयाब हो सके थे.
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