नीतीश ने कहा , भाजपा शासित राज्यों में है जंगलराज

Updated at : 31 Aug 2015 7:20 AM (IST)
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नीतीश ने कहा , भाजपा शासित राज्यों में है जंगलराज

पटना: बिहार स्वाभिमान रैली में भीड़ से उत्साहित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया. अपने 45 मिनट के संबोधन में नीतीश कुमार ने एक ओर जहां स्वाभिमान और डीएनए पर फोकस किया, वहीं पहली बार खुले मंच से लालू प्रसाद पर भाजपा के जंगलराज संबंधी आरोपों का […]

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पटना: बिहार स्वाभिमान रैली में भीड़ से उत्साहित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया. अपने 45 मिनट के संबोधन में नीतीश कुमार ने एक ओर जहां स्वाभिमान और डीएनए पर फोकस किया, वहीं पहली बार खुले मंच से लालू प्रसाद पर भाजपा के जंगलराज संबंधी आरोपों का जम कर बचाव भी किया. कहा, बिहार में कोई जंगलराज नहीं आया है. गरीब-गुरबे जग गये हैं. अब भाजपा की दाल गलनेवाली नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हूं. आज तक लालू प्रसाद ने मुझे एक बार भी किसी अपराधी को रिहा करने की पैरवी नहीं की.
नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में गुजरात और महाराष्ट्र समेत भाजपा शासित राज्यों से कम अपराध हुए हैं. उन्होंने कहा कि संज्ञेय अपराध के मामले में आज दिल्ली नंबर वन है, जहां की पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है यानी 56 इंच के सीना वाले की नाक के नीचे सबसे अधिक अपराध हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त और वीर कुंवर सिंह, डाॅ राजेंद्र प्रसाद और जय प्रकाश नारायण के नाम लेते हुए कहा कि हमारा डीएनए वही है, जो बिहार का डीएनए है. उन्होंने कहा कि मैं वहीं हूं, जो बिहार है.

इसी माटी में पला-बढ़ा हूं. उन्होंने कहा कि हमलोगों के एकजुट विरोध के कारण प्रधानमंत्री को भूमि अधिग्रहण बिल पर झुकना पड़ा है. चले थे बिहार के स्वाभिमान को ललकारने, अब उन्हें घुटने टेकने पड़े. रैली के लिए जब मैं घर से निकल रहा था, उस समय प्रधानमंत्री अपनी मन की बात कह रहे थे. पर यह जनता के दिल की बात है. उनके भूमि अधिग्रहण बिल को संसद और जनता दोनों ने नकार दिया है. नीतीश ने बिहार को विशेष राज्य के दर्जे का सवाल भी उठाया.

चलाये तीर
1. भूमि अधिग्रहण बिल पर प्रधानमंत्री को झुकना पड़ा
2. चले थे बिहार को ललकारने अब टेकना पड़ा घुटना
3. काला धन कब दीजियेगा चेक से या नकद
4. पीएम पद की गरिमा के अनुकूल नहीं थीडीएनए टिप्पणी
5. अहंकार मेरे खून में नहीं रोम-रोम में है स्वाभिमान
6. मेरे डीएनए को वे चुनौती दे रहे जिनके पूर्वजाें ने आजादी की लड़ाई में नहीं दिया योगदान
7. जाली नोट देखने में असली जैसा, पर बाजार में कीमत नहीं, वैसा ही स्पेशल पैकेज
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