लालू, राबड़ी व नीतीश नहीं लड़ेंगे विस चुनाव, सुशील मोदी भी इस सूची में हो सकते हैं शामिल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Aug 2015 12:16 PM
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही सूबे में सियासी उबाल दिखने लगा है. सभी दल चुनावी अभियान में जुट गये है. इसी कड़ी में राजनीतिक दलों ने चुनावी प्रचार अभियान को तेज करते हुए जमकर बयानबाजी व घोषणाएं करनी शुरू कर दी है. जदयू-राजद गठबंधन ने जहां अपनी पूरी ताकत […]
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही सूबे में सियासी उबाल दिखने लगा है. सभी दल चुनावी अभियान में जुट गये है. इसी कड़ी में राजनीतिक दलों ने चुनावी प्रचार अभियान को तेज करते हुए जमकर बयानबाजी व घोषणाएं करनी शुरू कर दी है. जदयू-राजद गठबंधन ने जहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार का स्वाद चख चुकी भाजपा के बिहार विस चुनाव एक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है. इन सब के बीच बिहार चुनाव में इस बार प्रदेश के चार बड़े नेता चुनावी मैदान से दूर रहने वाले हैं. वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव व पत्नी राबड़ी देवी इस बार किसी न किसी कारण से चुनाव मैदान से दूर रहने वाले हैं. राबड़ी देवी ने इस बाबत कल एलान भी कर दिया है और कहा है कि उनके दोनों पुत्र इस बार चुनाव लडेंगे, जबकि वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगी. वहीं, बिहार में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने की इच्छा नहीं रखते हैं.
लालू प्रसाद की मुश्किलें
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का राजनीतिक भविष्य कानूनी पेच में उलझ गया है. चारा घोटाले मामले में कोर्ट ने अक्टूबर 2013 में लालू प्रसाद पर छह साल के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है. इस कारण लालू इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालांकि अपने खास अंदाज के लिए प्रसिद्ध लालू प्रसाद चुनाव प्रचार में देसी टमटम का इस्तेमाल कर सुर्खियों में है.
राबड़ी का एलान, खुद नही, दोनों बेटे लड़ेंगे चुनाव
राजद सुप्रीमो की पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे खुद नहीं, उनके दोनों बेटे तेज प्रताप एवं तेजस्वी इस बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. राबड़ी देवी ने कहा कि मैं खुद अपनी पार्टी के साथ-साथ गंठबंधन के लिए भी चुनाव प्रचार करूंगी. हम भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देंगे. राबड़ी के ऐसा कहने के पीछे परिवार की नयी पीढ़ी के लिए राजनीतिक मंच तैयार करना बताया जा रहा है. सूत्रों की माने तो लालू-राबड़ी अपने दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी के अलावा बेटी मीसा भारती को पार्टी का सियासी चेहरा बनाना चाहते हैं. गौर हो कि राबड़ी देवी अभी विधान परिषद की सदस्य हैं.
नीतीश भी नहीं लड़ेंगे चुनाव
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह बिहार विधासभा का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. अपने 30 साल के राजनीतिक करियर में नीतीश सिर्फ एक बारविधासभा चुनाव जीतने में सफल रहे हैं. हालांकि वह 1985 का दौर था, जब कांग्रेस के खिलाफ लहर ने जनता परिवार के फसल को लहलहाने का काम किया था. नीतीश उसके बाद से या तो सांसद रहे हैं या फिर विधान परिषद के सदस्य. नीतीश अभी एमएलसी है और उनकी सदस्यता 2018 में खत्म हो रही है. सूत्रों की माने तो ऐसे में विधानसभा चुनाव लड़ने का कोई औचित्य नहीं जान पड़ता.
सुशील मोदी ने अब तक नही दिखायी दिलचस्पी
बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी अभी विधान परिषद के सदस्य हैं और उनका कार्यकाल भी 2018 में समाप्त होने वाला है. हालांकि, समर्थकों की इच्छा हैं कि सुशील मोदी अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र पटना सेंट्रल से चुनाव लड़ें, लेकिन भाजपा नेता ने अब तक इस ओर कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखायी है. गौर हो कि एक बार उन्होंने खुद कहा था, मैं बतौर एमएलसी ज्यादा सहुलियत महसूस करता हूं. जब आप विधायक बनते हैं तो वोटरों की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है. इसका कोई अंत नहीं है.
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