पटना एम्स में हाई-वोल्टेज ड्रामा, सरकारी मशीनों में तोड़फोड़, युवक गिरफ्तार

Published by : Nikhil Anurag Updated At : 06 Jun 2026 9:31 PM

विज्ञापन

Patna News: पटना एम्स के एआईबी वार्ड में गंभीर रूप से बीमार मरीज की मौत के बाद एक परिजन ने जमकर हंगामा किया. बक्सर निवासी 19 वर्षीय युवक पर डॉक्टरों से अभद्रता करने, इलाज में बाधा डालने और यूएसजी मशीन सहित कई कीमती सरकारी उपकरणों को तोड़ने का आरोप है. पुलिस जांच में जुट गई है.

विज्ञापन

Patna News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट) पटना एम्स परिसर एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. अस्पताल के एआईबी वार्ड में भर्ती एक मरीज के परिजन ने न केवल डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि भारी उपद्रव मचाते हुए लाखों रुपये की सरकारी चिकित्सा संपत्तियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. इस घटना से अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और भय का माहौल बना रहा. एम्स प्रशासन की लिखित शिकायत पर फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है.

एम्स के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राज कुमार जालान द्वारा थाने में दिए गए आधिकारिक आवेदन के अनुसार, बीते दिनों रात के करीब आठ बजे एआईबी वार्ड में 66 वर्षीय मरीज अरुण कुमार यादव का इलाज चल रहा था. मरीज मल्टीपल मायलोमा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, सेप्सिस और सेप्टिक शॉक जैसी कई अत्यंत गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे. उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने के लिए लाइफ सपोर्ट और सीपीआर देने की प्रक्रिया में जुटी हुई थी. इसी बीच मरीज के परिजन निखिल राव जबरन वार्ड के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया और हंगामा शुरू कर दिया.

यूएसजी मशीन और क्रैश कार्ट तोड़े, इलाज में डाली बाधा

आरोप है कि युवक निखिल राव ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और महिला नर्सिंग स्टाफ को भद्दी-भद्दी गालियां दीं, उन्हें जान से मारने की धमकी दी और इलाज की आपातकालीन प्रक्रिया को बाधित किया. इतने से भी जब उसका मन नहीं भरा, तो उसने वार्ड में रखी कीमती चिकित्सा मशीनों और उपकरणों को उठाकर फेंकना शुरू कर दिया.

अस्पताल के क्षतिग्रस्त सामानों की सूची:

  • अल्ट्रासाउंड मशीन
  • क्रैश कार्ट (इमरजेंसी मेडिसिन ट्रॉली)
  • ड्रेसिंग ट्रॉली
  • पोर्टेबल पल्स ऑक्सीमीटर

युवक की इस हिंसक हरकत के कारण वार्ड में मौजूद अन्य गंभीर मरीजों की जान पर भी बन आई और चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं. घटना के वक्त वार्ड में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर किशोर कुमार परिहार, लेखराज बैरवा, नर्सिंग ऑफिसर नेहा पटेल, दीपाली ठाकुर, ज्योति कुमारी और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. आरोन एंटोनिया, डॉ. दक्ष कृष्णानी व डॉ. उपमन्यु नाग पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे थे.

एम्स की क्यूआरटी और पुलिस ने संभाला मोर्चा

परिजन के उग्र रूप को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत एम्स की क्विक रिस्पांस टीम और सुरक्षा गार्डों को अलर्ट किया. सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ थाना पुलिस भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और उपद्रव कर रहे बक्सर के युवक निखिल राव को हिरासत में लेकर थाने ले आई.

एम्स प्रशासन ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों को प्रताड़ित करने और राष्ट्रीय चिकित्सा संपत्ति को नष्ट करने के संगीन आरोपों के तहत मामला दर्ज कराया है. फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर ली है. थाना प्रभारी ने बताया कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है और गवाहों के बयान दर्ज कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

Also Read: जहानाबाद में डीईओ कार्यालय के समक्ष डटे शिक्षक, ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन से प्रशासन में खलबली

विज्ञापन
Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन