साल भर में श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में 5.66 लाख दर्शकों ने देखी प्रदर्शनी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 31 Dec 2024 12:53 AM
शहर के श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में लगातार विज्ञान से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शक पहुंच रहे हैं. 2024 में लगभग 5.66 लाख दर्शकों ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया.
संवाददाता, पटना
शहर के श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में लगातार विज्ञान से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शक पहुंच रहे हैं. 2024 में लगभग 5.66 लाख दर्शकों ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया. इनमें से 2.73 लाख दर्शकों ने केंद्र पर आकर प्रदर्शनी देखी, जबकि 53,498 बच्चों और शिक्षकों ने भी इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया. इसके अलावा केंद्र से बाहर बिहार और झारखंड में एमएसइ (भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी) के तहत करीब 2.39 लाख लोगों को विज्ञान से अवगत कराया गया. वहीं, 25 दिसंबर के बाद लगातार तीन से चार हजार दर्शक केंद्र में आ रहे हैं. एक जनवरी 2025 को करीब छह हजार दर्शकों के आने की उम्मीद है. इसे लेकर केंद्र में चार टिकट काउंटर लगाये जायेंगे. साथ ही, फिल्म व शो के लिए अलग विशेष काउंटर की व्यवस्था रहेगी. केंद्र का उद्देश्य पूरे राज्य के स्कूली विद्यार्थियों को विज्ञान से जोड़ना है, ताकि यह सबके लिए सुलभ हो सके. केंद्र इस साल 46 वर्ष पूरा कर रहा है और 14 अप्रैल 2025 को 47 साल का हो जायेगा. केंद्र के पास तीन विशेष बसें भी हैं, जो बिहार और झारखंड में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित करती है. हाल ही में केंद्र में हॉल ऑफ एवोल्यूशन का उद्घाटन किया गया है, जहां दर्शकों को मानव की उत्पत्ति से लेकर वर्तमान में विकास के बारे में जानकारी दी जा रही है. हर दिन दर्शकों की मांग पर विभिन्न शो और फिल्में दिखाई जा रही हैं. इस साल कुल चार हजार से अधिक शो और फिल्में प्रदर्शित की गयीं. इस महीने हर दिन 30 से 40 शो चलाये गये. केंद्र का प्रवेश शुल्क 40 रुपये है. थ्रीडी शो के लिए 35 रुपये, साइंस ऑन स्फेयर के लिए 30 रुपये, स्पेस शो के लिए 30 रुपये और साइंस शो के लिए 10 रुपये शुल्क लिया जाता है. स्कूली बच्चों को इन सभी शुल्कों पर छूट दी जाती है. ~800 में इनोवेशन हब में ले सकते हैं दाखिला केंद्र के इनोवेशन हब में नौ सेक्शन हैं, जो क्रमशः इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, रिसोर्स सेंटर, हॉल ऑफ फेम, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, तोड़-फोड़ जोड़ और कबाड़ से जुगाड़ पर आधारित हैं. यहां बाल वैज्ञानिकों को इन विषयों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है. हब में मेंटर गौरव पंडित के मार्गदर्शन में बाल वैज्ञानिकों ने कई मॉडल तैयार किये हैं, जिनके माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी जीते हैं.
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