पटना : बड़े शहरों को तीन दिनों में बनानी होगी इमरजेंसी रेस्क्यू सेनिटेशन टीम, मिलेंगे अतिरिक्त 100 अंक

Updated at : 22 Feb 2020 8:09 AM (IST)
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पटना : बड़े शहरों को तीन दिनों में बनानी होगी इमरजेंसी रेस्क्यू सेनिटेशन टीम, मिलेंगे अतिरिक्त 100 अंक

अनिकेत त्रिवेदी पटना : स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के फाइनल परिणाम में अपनी रैंकिंग बढ़ाने के लिए राज्य के बड़े शहरों को और तीन दिनों का समय मिला है. बड़े नगर निकाय मसलन, पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर आदि को 24 फरवरी तक एक विशेष इमरजेंसी रेस्क्यू सेनिटेशन टीम का गठन कर शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छता सर्वेक्षण […]

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अनिकेत त्रिवेदी
पटना : स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के फाइनल परिणाम में अपनी रैंकिंग बढ़ाने के लिए राज्य के बड़े शहरों को और तीन दिनों का समय मिला है. बड़े नगर निकाय मसलन, पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर आदि को 24 फरवरी तक एक विशेष इमरजेंसी रेस्क्यू सेनिटेशन टीम का गठन कर शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छता सर्वेक्षण विभाग को रिपोर्ट करनी है.
टीम में अभियंता या एक वरीय अधिकारी इसके नोडल पदाधिकारी होंगे. नगर विकास व आवास विभाग के स्वच्छता सर्वेक्षण के नोडल पदाधिकारी ने बताया कि केंद्र ने दिसंबर तक ही ऐसी टीम गठन करने के निर्देश दिये थे, लेकिन पटना या राज्य के किसी अन्य निकायों ने टीम का गठन नहीं किया था. अब 24 फरवरी तक अंतिम डेडलाइन दी गयी है. टीम गठन कर रिपोर्ट करने वाले निकाय को स्वच्छता सर्वेक्षण में 100 अंक अतिरिक्त दिये जायेंगे.
10 लाख से कम जनसंख्या वाले शहर
पहली तिमाही रिपोर्ट में 10 लाख से कम जनसंख्या वाले देश के कुल 353 शहरों में मुजफ्फरपुर का 179वां, दानापुर का 273वां, सासाराम का 304वां, मोतिहारी का 320वां और कटिहार का 321वां स्थान रहा है. वहीं, दूसरी तिमाही रिपोर्ट में देश के कुल 384 शहरों में कटिहार का 170वां, डालमिया नगर का 188वां, औरंगाबाद का 219वां, मुजफ्फरपुर का 293वां और मुंगेर का 295 वां स्थान रहा है. जानकारी के अनुसार तीसरी व फाइनल रिपोर्ट फरवरी के अंत या मार्च के शुरुआत में आनी है.
वन कॉल पर रिपोर्ट करेगी इमरजेंसी रेस्क्यू सेनिटेशन टीम
इमरजेंसी रेस्क्यू सेनिटेशन टीम आपात स्थिति में शहर के लोगों को तत्काल सुविधा मुहैया कराने के लिए बनानी जानी है. टीम के पास जेसीबी, सेक्सन मशीन से लेकर अन्य आधुनिक यंत्र और प्रशिक्षित लोगों की टीम रहेगी. सुरक्षा प्रबंध के साथ किसी भी टीम वन कॉल पर सीवरेज, ड्रेनेज, सेप्टिक टैंक से लेकर बड़े नालों आदि में किसी जानवर या व्यक्ति के गिरने या सफाई की कोई गंभीर समस्या होने पर तत्काल रिपोर्ट करनी होगी. निकायों को इसके लिए एक विशेष फोन नंबर जारी करना होगा. यह पूरा सिस्टम फायर फाइटिंग सिस्टम के तर्ज पर काम करेगा.
फाइनल रिपोर्ट में पिछड़ रहे राज्य के
शहर : स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के फाइनल परिणाम में बिहारी शहर लगातार पिछड़ रहे हैं. फिलहाल राज्य के पांच बढ़े शहरों में बोधगया सिर्फ 19 लोगों के फीडबैक के साथ सबसे पीछे, 170 लोगों के फीडबैक के साथ भागलपुर तीसरे नंबर, 1370 फीडबैक के साथ पटना दूसरे नंबर व 4143 फीडबैक के साथ मुजफ्फरपुर एक नंबर पर है. गौरतलब है कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के दो तिमाही रिपोर्टें आ चुकी हैं. पहली व दूसरी दोनों तिमाही रिपोर्टों में देश के 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले कुल 49 शहरों में पटना का 46वां स्थान रहा है.
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