संतोषजनक जवाब नहीं देने पर बीएड कॉलेजों की मान्यता होगी रद
पटना: राज्य के सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता बहाल रखने के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने मानकों पर दो चरण का आकलन कर लिया है. पटना विश्वविद्यालय केस्नातकोत्तर शिक्षा विभाग सहित राज्य के पांच बीएड कॉलेजों की मान्यता रद कर दी गयी है. फरवरी के तीसरे सप्ताह में संतोषजनक जवाब नहीं […]
पटना: राज्य के सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता बहाल रखने के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने मानकों पर दो चरण का आकलन कर लिया है. पटना विश्वविद्यालय केस्नातकोत्तर शिक्षा विभाग सहित राज्य के पांच बीएड कॉलेजों की मान्यता रद कर दी गयी है. फरवरी के तीसरे सप्ताह में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सभी कॉलेजों की मान्यता रद की जा सकती है.
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अब 21 बीएड कॉलेजों को शो-कॉज भी भेजा जा चुका है. एनसीटीई अधिकारियों के अनुसार अबतक की जांच में राज्य के 50 से अधिक बीएड व डीएलएड कॉलेज मानकों के अनुरूप नहीं मिले हैं. इन्हें पूर्व में भी जरूरी कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सहित पूर्वोत्तर के राज्यों की बीएड कॉलेजों की मान्यता के लिए बैठक जल्द हो सकती है. बिहार राज्य के बीएड कॉलेजों में सुविधा, योग्य फैकल्टी तथा मानक के अनुसार प्राचार्य का अभाव सबसे अधिक है. इसके अतिरिक्त बिल्डिंग प्लान, पूरा होने का सर्टिफिकेट, बिल्डिंग सेफ्टी प्रमाण-पत्र, संस्थान की वेबसाइट एनसीटीई रेगुलेशन 2014 के अनुसार अपग्रेड नहीं होना, जमीन और भवन का एग्रीमेंट, शपथ पत्र, फंड जमा करने की रसीद समेत अन्य कागजात शामिल हैं. राज्य के सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों में सत्र 2020-21 में नामांकन के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू है. जानकारी के अनुसार नामांकन प्रक्रिया में उन्हीं कॉलेजों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास इस सत्र के लिए एनसीटीई से मान्यता या विश्वविद्यालय से संबद्धता होगी.
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