दुल्हिनबाजार : जर्जर भवन में जमीन पर बैठ बच्चे सीख रहे क, ख, ग

Updated at : 30 Jan 2020 9:04 AM (IST)
विज्ञापन
दुल्हिनबाजार : जर्जर भवन में जमीन पर बैठ बच्चे सीख रहे क, ख, ग

वेद प्रकाश दुल्हिनबाजार : प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों का रख-रखाव ठीक है. कुछेक विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों में भवनों, शौचालयों, पेयजल व आवागमन के लिए रास्ते की स्थिति ठीक है. वहीं बच्चों को सरकार की ओर से मिलनेवाला लाभ भी मिल रहा है. पूरे प्रखंड में वर्ग एक से वर्ग पांच तक के […]

विज्ञापन
वेद प्रकाश
दुल्हिनबाजार : प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों का रख-रखाव ठीक है. कुछेक विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों में भवनों, शौचालयों, पेयजल व आवागमन के लिए रास्ते की स्थिति ठीक है. वहीं बच्चों को सरकार की ओर से मिलनेवाला लाभ भी मिल रहा है. पूरे प्रखंड में वर्ग एक से वर्ग पांच तक के नौनिहालों को शिक्षा देने वाली प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 67 है.
जिनमें कुल छात्रों का नामांकन 9335 व कुल शिक्षकों की नियुक्ति 180 है. वहीं मानकों के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक की नियुक्ति होनी चाहिए. लेकिन पूरे प्रखंड में अभी कुल 312 शिक्षकों में 132 शिक्षकों की और आवश्यकता है. एक ओर सरकार बीपीएल परिवारों को आवास मुहैया करा रही है तो दूसरी ओर बीपीएल सहित अन्य परिवारों के नौनिहाल जहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं वैसे विद्यालय में बाउंड्री तक नहीं है. भवनों की स्थिति भी जर्जर है.
ऐसा ही स्थिति दुल्हिनबाजार प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय शब्जपुरा की है. यह विद्यालय प्रखंड मुख्यालय बाजार से आठ किलोमीटर दूर शब्जपुरा गांव में है. गांव की मुख्य सड़क से दो सौ मीटर दूर खेत में स्थित विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है. बच्चों को पगडंडियों के सहारे पहुंचना पड़ता है. गड्ढे में स्थित होने के कारण बारिश के मौसम में विद्यालय चारों ओर से पानी से घिर जाता है. जिससे बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं. जब प्रभात खबर संवाददाता दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर वहां पड़ताल के लिए पहुंचे तो पाया कि बाउंड्री विहीन विद्यालय के एक छोटे कमरे में कार्यालय है.
जिन दो कमरे में बच्चे पढ़ रहे थे वह जर्जर है. कमरे की छत क्षतिग्रस्त व टूटी हुई है. एक खपरैल कमरे में रसोइया बच्चों को खाना खिलाने के बाद बरतन साफ कर रख रही है. वहीं विद्यालय में तीन शौचालयों की स्थिति ठीक है व पेयजल के लिए लगाये गये दो चापाकल चालू स्थिति में है. बच्चों का ड्रेस कोड नेवी ब्लू रंग का है.
बच्चे ड्रेस में ही पढ़ने आते हैं. बच्चे सुविधा के अभाव में फर्श पर ही बैठकर पढ़ रहे हैं. प्रधान शिक्षक ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति के बारे में विभाग व बीआरसी को छह माह पूर्व अवगत कराया हूं लेकिन अभी तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है.
भवन की मरम्मत कराने का होगा प्रयास
फिलहाल इस विद्यालय को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया जायेगा. साथ ही विद्यालय की भवन की मरम्मती कराने का भी प्रयास करूंगा.
आशित कुमार भगत दुल्हिनबाजार बीइओ
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन