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सेल्फ फाइनेंसिंग प्रोग्रामों को मंजूरी

Updated at : 11 Jan 2020 8:20 AM (IST)
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सेल्फ फाइनेंसिंग प्रोग्रामों को मंजूरी

पटना : राजभवन ने पटना विश्वविद्यालय के लिए कई सेल्फ फाइनेंसिंग प्रोग्रामों को मंजूरी दी है. शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए पीजी डिप्लोमा इन क्लीनिकल सायकाॅलोजी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, वीमन एंड चाइल्ड वेलफेयर, ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट विषयों को मंजूरी दी गयी है. इसके अलावा राजभवन ने पटना विश्वविद्यालय में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत कुछ […]

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पटना : राजभवन ने पटना विश्वविद्यालय के लिए कई सेल्फ फाइनेंसिंग प्रोग्रामों को मंजूरी दी है. शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए पीजी डिप्लोमा इन क्लीनिकल सायकाॅलोजी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, वीमन एंड चाइल्ड वेलफेयर, ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट विषयों को मंजूरी दी गयी है. इसके अलावा राजभवन ने पटना विश्वविद्यालय में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत कुछ विषयों की पढ़ाई सेल्फ फाइनेंसिंग प्रोग्राम से कराने की अनुमति दी है.

च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत जिन विषयों को मंजूरी मिली है, उनमें मॉस कम्युनिकेशन में बीए ऑनर्स, बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन आनर्स, बीए ऑनर्स इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, बीएससी ऑनर्स इन बायो टेकनोलॉजी, बीएसएसी ऑनर्स इन कंप्रूूटर एप्लीकेशन्स, बीए ऑनर्स इन फंक्शनल इंग्लिश शामिल है. उल्लेखनीय है कि विवि अनुदान आयोग ने विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली (सीबीसीएस) कार्यक्रम तय किया है. विद्यार्थियों के पास पाठ्यक्रमों का चयन करने का विकल्प होता है.
अनुसंधान को लेकर पीयू में 16-17 को जुटेंगे विशेषज्ञ
पटना. केंद्र सरकार ने जनसंख्या, स्वास्थ्य व पोषण के क्षेत्र में अनुसंधान और नीति व योजना का मूल्यांकन करने के लिए देशभर में 18 जनसंख्या अनुसंधान केंद्र (पीआरसी) स्थापित किये हैं. ये केंद्र स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सहायता से बनाये गये हैं.
मंत्रालय ने 2018-19 में सभी पीआरसी के अनुसंधान अध्ययनों को प्रसारित करने की जिम्मेदारी पटना विवि के पीआरसी को सौंपी है. इसके तहत विवि के व्हीलर सीनेट हॉल में 16-17 जनवरी को वर्कशॉप होगा. इसका उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अश्विनी कुमार चौबे करेंगे.
यह जानकारी पटना विवि के कुलपति प्रो डॉ रास बिहारी सिंह ने शुक्रवार को कार्यालय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी. उन्होंने बताया कि एमओएचएफडबल्यू नयी दिल्ली की सिफारिश पर पटना विवि स्थित पीआरसी जनसांख्यिकी पर एक वर्ष या छह महीने का डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करेगा.
वर्कशॉप के लिए 450 शोध पत्र, रिपोर्ट, लेख तैयार : कुलपति ने बताया कि एमओएचएफडब्ल्यू, जीओआइ नयी दिल्ली के उप महानिदेशक डीके ओझा जनसंख्या और स्वास्थ्य मुद्दों के एजेंडा की स्थापना विषय पर पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति देंगे. केंद्र ने 450 से अधिक शोध पत्र, रिपोर्ट और लेख तैयार की है.
उनमें से कई भारत और विदेशों से प्रतिष्ठित पेशेवर पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं. कुल मिलाकर 26 शोध पत्रों को विभिन्न पीआरसी से प्राप्त कुल 44 शोध पत्रों और मंत्रालय के एक शोधपत्र से प्राप्त पीआरसीएस अध्ययन के संग्रह में पेश किया जायेगा. लघु समीक्षा का पहला दौर नौ समीक्षकों द्वारा किया गया था. शीर्ष तीन पेपरों को इस मौके पर पुरस्कार मिलेगा. दो को सांत्वना पुरस्कार व प्रमाणपत्र दिया जायेगा.
राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी करेगी पीयू
कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह ने कहा कि इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंस, मुंबई की पहल पर पटना विवि स्थित जनसंख्या अनुसंधान केंद्र 13 से 15 फरवरी को जनसंख्या स्वास्थ्य और सतत विकास लक्ष्यों, प्रदर्शन और प्राथमिकता नीतियों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी करेगा. मौके पर स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन प्रो एनके झा, प्रॉक्टर प्रो रजनीश कुमार समेत कई लोग मौजूद थे.
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