आंगनबाड़ी : 150 सेविका-सहायिका के प्रमाणपत्र मिले फर्जी

Updated at : 07 Jan 2020 8:58 AM (IST)
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आंगनबाड़ी : 150 सेविका-सहायिका के प्रमाणपत्र मिले फर्जी

प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश पटना : राज्य भर के 1.06 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका-सहायिकाओं की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की खबर से समाज कल्याण विभाग में खलबली मच गयी है. पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, जमुई, किशनगंज सहित अन्य जिलों में आवेदन करने वाली अभ्यर्थियों ने नेपाल, केरल व ओड़िशा से फर्जी सर्टिफिकेट […]

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प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश
पटना : राज्य भर के 1.06 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका-सहायिकाओं की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की खबर से समाज कल्याण विभाग में खलबली मच गयी है.
पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, जमुई, किशनगंज सहित अन्य जिलों में आवेदन करने वाली अभ्यर्थियों ने नेपाल, केरल व ओड़िशा से फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर नियुक्ति पा ली है. जांच में 150 से अधिक अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट फर्जी पाये गये हैं. ऐसी सेविका और सहायिकाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है. विभागीय मंत्री रामसेवक सिंह ने बाकी जिलों में भी चयन प्रक्रिया में दिये गये प्रमाणपत्रों की सख्ती से जांच कराने का आदेश दिया है.
समीक्षा बैठक में खुलासा : इस मामले का खुलासा पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग की हुई समीक्षा बैठक में हुआ. अब तक इस मामले को अधिकारियों ने दबा रखा था.
जब मंत्री के समक्ष मामला उजागर हुआ, तो उन्होंने कड़ाई से इसकी जांच कराने का आदेश दिया. सोमवार को मंत्री के निर्देश पर सभी जिलों को हाल ही में सेविका और सहायिकाओं की हुई नियुक्ति में दिये गये सभी प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच कराने का आदेश दिया गया है. साथ ही केरल और नेपाल के प्रमाणपत्र वाली सेविका और सहायिकाओं की उम्मीदवारी भी रद्द करने का निर्देश दिया गया है.
सर्टिफिकेट जांच करने में देर नहीं हो, आइसीडीएस से लें सहयोग
विभाग ने कहा है कि किसी भी जिले में सर्टिफिकेट की जांच देरी हो रही है, तो जांच प्रक्रिया में जुड़े लोग आइसीडीएस अधिकारियों से सहयोग ले सकेंगे. हर हाल में 15 दिनों पर सर्टिफिकेट जांच के लिए बैठक होगी, जिसमें बिहार बोर्ड के अधिकारियों को भी डीएम के माध्यम से बुलाया जायेगा, ताकि ऑन स्पॉट सर्टिफिकेट जांच हो सके.
सेविका के लिए मैट्रिक व सहायिका के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य
सेविका के लिए मैट्रिक पास और सहायिका के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है. सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में नेपाल की डिग्री के आधार पर भी अावेदन किये गये हैं. अब विभाग ने केरल और नेपाल की डिग्री के आधार पर अावेदन लेने से रोक लगा दी है. विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बिहार की डिग्री की जांच कराने में ही देर होती है. केरल और दूसरी जगहों पर जाकर प्रमाणपत्र की जांच संभव नहीं हो पाता, इस कारण बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाणपत्र का उपयोग किया जा रहा है.
केरल, नेपाल व ओड़िशा से बनवाये फर्जी सर्टिफिकेट
पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, जमुई, किशनगंज में जांच में खुलासा बाकी सभी जिलों में भी होगी जांच
हाल में ही नियुक्त सभी सेविका और सहायिकाओं की के प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच कराने का आदेश
केरल व नेपाल के प्रमाणपत्र वाली अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द करने का भी निर्देश
सेविका और सहायिका की नियुक्ति में केरल, नेपाल और ओड़िशा से फर्जी प्रमाणपत्र के मामले आये हैं. जांच का आदेश दिया गया है. प्राथमिकी भी दर्ज कराने को कहा गया है.
-रामसेवक सिंह, समाज कल्याण मंत्री
लेडीज सुपरवाइजर के कार्यकलापों की भी जांच होगी
विभागीय सूत्रों के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्राें पर नियुक्ति में लेडीज सुपरवाइजर के कार्यकलापों की भी जांच होगी. इस संबंध में आइसीडीएस के निदेशक को निर्देश दिया गया है. फर्जी प्रमाणपत्र या पैरवी की कहीं कोई गुंजाइश नहीं हो, इसके लिए डीएम के स्तर से भी हर जिले में जांच कराने का आदेश दिया गया है. फर्जी सर्टिफिकेट जांच की प्रक्रिया में कोई सुस्ती नहीं बरतने का निर्देश दिया गया हैं.
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