60 हजार दो, ग्रामीण डाकसेवक बनो

Updated at : 12 Dec 2019 5:14 AM (IST)
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60 हजार दो, ग्रामीण डाकसेवक बनो

सुबोध कुमार नंदन, पटना : हाल में डाक विभाग की ओर से एक हजार से अधिक ग्रामीण डाकसेवकों की नियुक्ति का आवेदन निकाला गया है. इसके बाद जालसाज काफी सक्रिय हो गये हैं. बिहार से लेकर राजस्थान, दिल्ली और यूपी तक फैले ये जालसाज आवेदकों को कॉल कर 50 से 60 हजार रुपये में नौकरी […]

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सुबोध कुमार नंदन, पटना : हाल में डाक विभाग की ओर से एक हजार से अधिक ग्रामीण डाकसेवकों की नियुक्ति का आवेदन निकाला गया है. इसके बाद जालसाज काफी सक्रिय हो गये हैं. बिहार से लेकर राजस्थान, दिल्ली और यूपी तक फैले ये जालसाज आवेदकों को कॉल कर 50 से 60 हजार रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा दे रहे हैं.

ऐसे जालसाजी वाले कॉल कई आवेदकों के पास आ चुके हैं. इनमें से कई झांसे में आकर हजारों रुपये गंवा चुके हैं और अब डाक विभाग के बिहार सर्किल का चक्कर लगा रहे हैं.
अधिकारियों का हवाला देकर कर रहे ठगी : जालसाज बिहार सर्किल के बड़े अधिकारियों का हवाला दे कर नौकरी के नाम पर ठगी कर रहे हैं.
सूत्रों की मानें, तो ये जालसाज नवादा, बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, कटिहार आदि में फैले हैं, जो किसी डाक विभाग के ही अधिकारी के सहयोग से आवेदक का नाम, पता और रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त कर रहे हैं. हालांकि अधिकारियों का दावा है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. इसलिए गड़बड़ी का सवाल ही नहीं उठता है.
दिल्ली, यूपी तक के जालसाज सक्रिय
अमरजीत कुमार (हाजी पुर) ने बताया कि एक माह पहले दिल्ली से फोन आया. उसने कहा कि मैं दिल्ली जीपीओ से बोल रहा हूं. एक नंबर से आपकी नौकरी छूट रही है. 15 हजार रुपये देने पर पास हो जायेंगे. उसने व्हाट्सएप नंबर दिया, जिस पर डाक विभाग का आइकार्ड लगा था. अमरजीत ने
लखन पटेल नामक युवक के खाता संख्या 31159359195 में 15 हजार रुपये डाल दिये. यह खाता स्टेट बैंक दिल्ली की मुख्य शाखा का था. कुछ दिन बाद व्यक्ति ने कॉल कर कहा, काम हो गया है, लेकिन ट्रेनिंग के लिए 25 हजार और देने होंगे. इसके बाद ठगी का एहसास हुआ.
चंदन कुमार (सुरसंड, सीतामढ़ी) ने ग्रामीण डाक सेवक के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. एक माह पहले 77819 74548 नंबर से दो बार कॉल दिल्ली से आया. कॉल करने वाले ने बताया कि लिस्ट निकलने वाली है. 50 हजार लगेंगे. घरवालों को जानकारी दी, तो उन्होंने मना कर दिया. बातचीत में शक हो गया था, क्योंकि पता और रजिस्ट्रेशन नंबर गलत बताया था.
धी रज कुमार (वासुदेवपुर, बेगूसराय) ने बताया कि 9 दिसंबर को 9871079831 नंबर से कॉल आया था. कॉल वाले ने कहा कि मैं दिल्ली डाक विभाग से बोल रहा हूं. उसने कहा कि फॉर्म सही नहीं भरा हुआ है. अगर आप मेरिट लिस्ट में आना चाहते हैं, तो 20 हजार देना होगा.
पहले 50 फीसदी देना होगा. काम होने के बाद 50 फीसदी देना होगा. धीरज कुमार ने कहा कि पहले काम कराएं, उसके बाद पैसा देंगे. उसने व्हाट्सएप नंबर 6207988272 दिया और कहा कि कागजात भेजें. उस व्यक्ति को 10 दिसंबर को सुबह 10:30 बजे फिर कॉल किया, मैंने पहले काम कराने को कहा तो उसने फोन काट दिया.
थाने में एफआइआर कराएं
यह साइबर क्राइम का मामला है और काफी गंभीर है. जिनके पास नौकरी दिलाने के नाम पर फोन आता है, तो सबसे पहले वे स्थानीय थाना में एफआइआर कराएं. डाक विभाग की ओर से सीबीआइ को इस मामले को देखने का अनुरोध करेंगे. डीजीपी को पत्र लिखकर साइबर क्राइम सेल को नजर रखने का भी आग्रह करेंगे.
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