पटना :शासन भावावेश से नहीं चलता: सुशील मोदी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हैदराबाद में गैंगरेप के बाद महिला डाॅक्टर को जिंदा जलाने की लोमहर्षक घटना के बाद देश भर में दुख और आक्रोश का जो वातावरण बना, वह स्वाभाविक था. जनता ऐसे अपराधियों को तत्काल फांसी पर लटका देखना चाहती है, लेकिन शासन केवल भावावेश से नहीं […]
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पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हैदराबाद में गैंगरेप के बाद महिला डाॅक्टर को जिंदा जलाने की लोमहर्षक घटना के बाद देश भर में दुख और आक्रोश का जो वातावरण बना, वह स्वाभाविक था. जनता ऐसे अपराधियों को तत्काल फांसी पर लटका देखना चाहती है, लेकिन शासन केवल भावावेश से नहीं चलता.
ऐसे मामलों में त्वरित न्याय के लिए केंद्र और राज्य की सरकारें हर संभव पहल कर रही हैं. उन्होंने कहा कि गैंगरेप की बढ़ती घटनाओं पर कारगर अंकुश लगाने के लिए संविधान के दायरे में ही कई विकल्प मौजूद हैं. राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने मौजूदा कानून में संशोधन का सुझाव देने के लिए कमेटी गठित की है.
दो दिसंबर को बिहार पुलिस ने सभी महिला थानाें को निर्देश जारी किये कि रेप के मामले में 10 माह के भीतर फैसला सुनिश्चित करें. सरकार गैंगरेप समेत हर संगीन अपराध को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति से जरा भी विचलित नहीं हुई. परिणाम जल्द सामने आयेंगे. डिप्टी सीएम ने कहा कि हैदराबाद में गैंगरेप के चारों आरोपितों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने से भले ही जनता, विशेषकर महिलाओं ने राहत की सांस ली, लेकिन बेहतर होता कि इसकी नौबत न आती, न किसी को अंगुली उठाने का मौका मिलता, बल्कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें फांसी दी जाती.
बेहतर होता हैदराबाद गैंगरेप के सभी आरोपित होते जिंदा गिरफ्तार
पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने हैदराबाद गैंगरेप के आरोपितों के एनकाउंटर मामले में कहा कि बेहतर होता सभी आरोपित जिंदा पकड़े जाते. शहर के एक होटल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी आरोपित जिंदा गिरफ्तार होते, तो उन्हें कानून प्रावधान के तहत अगर फांसी की सजा हो जाती, तो यह बेहतर होता. उन्होंने कहा कि हैदराबाद हो या बिहार इस तरह की कोई भी घटना शर्मनाक करने वाली है. इसके लिए लोगों की मानसिकता बदलने की जरूरत है. समाज को भी चिंता करने की जरूरत है.
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