पटना : जीविका दीदियों के दमखम को सलाम, 10,000 करोड़ का बैंक लोन, एनपीए 2% से भी कम
Updated at : 30 Nov 2019 7:35 AM (IST)
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अनिकेत त्रिवेदी पटना : जीविका मिशन के तहत राज्य भर में गठित स्वयं सहायता समूहों की कहानी सफलता के मुकाम तक पहुंच गयी है. वर्तमान समय में पूरे राज्य में लगभग आठ लाख 83 हजार चार सौ 74 महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है. 2006 से अब तक लगभग साढ़े […]
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अनिकेत त्रिवेदी
पटना : जीविका मिशन के तहत राज्य भर में गठित स्वयं सहायता समूहों की कहानी सफलता के मुकाम तक पहुंच गयी है. वर्तमान समय में पूरे राज्य में लगभग आठ लाख 83 हजार चार सौ 74 महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है. 2006 से अब तक लगभग साढ़े 12 वर्षों में इन महिला समूहों ने बैंकों से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है.
इन गरीब महिलाओं ने उन पैसों से अपने छोटे-बड़े व्यवसायों को खड़ा किया है. साथ ही कमाई कर बैंक का कर्ज चुकता भी कर रही हैं. जीविका के अधिकारियों की मानें तो इनके द्वारा लिये गये कर्ज की राशि में से दो फीसदी से भी कम का एनपीए है.
दिव्यांगों का भी सेल्फ हेल्प ग्रुप
जीविका के माध्यम से न केवल महिलाओं के एसएसजी का गठन किया गया है, बल्कि बीते चार वर्षों में दिव्यांगों के लगभग 400 डीपीजीपी (एसएचजी) का भी गठन किया गया है. अपनी दिव्यांगता के कारण कभी एकदम बेरोजगार रहने वाले अब प्रति माह चार से पांच हजार रुपये की आमदनी कर रहे हैं. दिसंबर में गांधी मैदान में शुरू होने वाले सरस मेले में उनका भी एक स्टॉल लगाया जायेगा.
4.5 लाख महिलाएं कर रहीं व्यवसाय
लोन का लाभ लेकर वर्तमान में लगभग 4.5 लाख महिलाएं 110 तरह के व्यवसाय कर रही हैं. एसएचजी के माध्यम से 80 लाख घरों तक जीविका की पहुंच हो चुकी है. इन एसएचजी ने 10 बड़ी कंपनियां भी बना ली हैं. मक्का का व्यापार कर रही पूर्णिया की ऐसी एक कंपनी का टर्नओवर पांच से छह करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
10,000 करोड़ का बैंक लोन, एनपीए 2% से भी कम
एसएचजी में न्यूनतम 10 महिलाएं रखी जाती हैं. इसकी बैठक एक सप्ताह में एक बार होती है. हर बैठक में एक महिला को 10 रुपये जमा करने होते हैं. इसी 10 रुपये की ताकत से 12 वर्षों में 8.5 लाख एसएचजी के खातों या कैश में 1000 करोड़ जमा हो गये हैं. एक-एक समूह के खातों में कई लाख रुपये जमा हैं. अब एक एसएचजी महिला को व्यवसाय के लिए दो-पांच लाख का लोन दे रहा है.
जीविका दीदियां अाठ राज्यों में दे रहीं ट्रेनिंग : बिहार के एक एसएचजी को नेशनल रिसोर्स ऑर्गेनाइजेशन का नोडल बनाया गया है. अब यहां की महिलाएं महाराष्ट्र, यूपी, राजस्थान, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा व उत्तराखंड में एसएचजी के गठन व वहां की महिलाओं को 45 दिनों का प्रशिक्षण दे रही हैं.
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