आम जनता की सुरक्षा जिम्मेदारी से करें पुलिसकर्मी : नीतीश कुमार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना/आरा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिसकर्मियों से कहा कि जनता की सुरक्षा को लेकर आपकी जो जिम्मेदारी है, उसे हर हाल में निष्ठा के साथ निभाने की जरूरत है. पुलिस की बेहतरी के लिए जितनी भी राशि की जरूरत पड़ेगी, सरकार उसे पूरा करेगी.मुख्यमंत्री गुरुवार को आरा में अश्वारोही पुलिस बल की स्थापना के 100 साल होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने पुलिस सुधार के अपने कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि आपके लिए जब हमने इतना कुछ किया है, तो हम भी चाहते हैं कि आप अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए आम लोगों को सुरक्षा प्रदान करें.

इससे आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. सिर्फ हम जैसे लोगों को ही सुरक्षा देना आपका काम नहीं है. आजकल आपसी विवाद और दूसरे प्रकार के झगड़ों में कमी आयी है, लेकिन हत्या की अधिकतर घटनाएं संपत्ति विवाद और आपसी झगड़ों के कारण ही हो रही हैं. इसलिए पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ आप अपनी भूमिका का निर्वहन करें.
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में अश्वारोही सैन्य पुलिस के डेमोंस्ट्रेशन को आयोजित कराने का निर्देश दिया. कहा कि कानून-व्यवस्था और अपराध की लगातार समीक्षा हो रही है. सभी 40 पुलिस जिलों के थानों द्वारा उनके इलाके में होने वाली तरह-तरह की आपराधिक घटनाओं को चिह्नित किया गया है. अब उन इलाकों में पुलिसकर्मियों को मुश्तैदी से अपना काम करना है. इस साल से बिहार के 90 से 95% थानों में यह व्यवस्था लागू कर दी गयी है. इससे अनुसंधान के काम मे तेजी आयेगी.
साथ ही लाॅ एंड आर्डर भी बेहतर होगा. सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पथ निर्माण विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिये. उन्होंने गलती करने वालों पर हर हाल में कार्रवाई करने पर जोर दिया. गाड़ी चलाने वालों की प्रॉपर ट्रेनिंग हुई है या नहीं, उसे भी देखने की जरूरत है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बाबू वीर कुंवर सिंह और महाराणा प्रताप को याद किया. कहा कि पुलिस के लिए हमने जो काम किया है, वह सर्वविदित है. महिलाओं के लिए पुलिस में हमने 35% आरक्षण लागू किया, जिसका नतीजा है कि बिहार पुलिस जितना किसी भी राज्य के पुलिस बल में महिलाओं की संख्या नहीं है.
हर थाने में महिला पुलिस के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने पटना में पुलिस मुख्यालय के रूप में सरदार पटेल भवन का निर्माण, राजगीर पुलिस अफसर और चार हजार पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण देने वाली पुलिस एकेडमी का निर्माण, पुलिस बल की संख्या में भी वृद्धि की चर्चा की.
समारोह को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, बीएमपी के डीजी एसके सिंघल ने भी संबोधित किया.
इसके पहले सीएम ने शताब्दी समारोह का गुब्बारा उड़ाकर शुभारंभ किया. एमएमपी मैदान में आयोजित शताब्दी समारोह में अश्वारोही सैन्य पुलिस की गौरवशाली उपलब्धियों से संबंधित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और इसे देखा भी.
उन्होंने लोहे से बने धोड़े की प्रतिमा का अनावरण किया और पौधे भी लगाया. मुख्यमंत्री ने अश्वारोही सैन्य पुलिस परेड की सलामी ली. पदक प्राप्त अश्वारोही सैन्य पुलिस पदाधिकारियों, पुलिसकर्मियों और रिटायर्ड पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया. कार्यक्रम के अंत में डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका अभिनंदन किया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव चंचल कुमार, डीजी सुनील कुमार, एडीजी भृगु श्रीनिवासन, एडीजी जेएस गंगवार, मुख्यमंत्री के आप्त सचिव दिनेश कुमार राय, छत्रनील सिंह, राकेश राठी, भोजपुर डीएम रौशन कुशवाहा, एसपी सुशील कुमार, डीडीसी अंशुल अग्रवाल, एएसपी अंबरिश राहुल, कुमार मंगलम, एएसपी नीतीन कुमार, डीटीओ माधव कुमार सिंह, सदर एसडीओ अरुण प्रकाश सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद थे. सभा का संचालन सीआइडी के आइजी अजिताभ कुमार ने किया.
पुराने तरीकों का भी करें इस्तेमाल
नीतीश कुमार ने कहा कि बदलते परिवेश मेंं आप नयी तकनीक व यंत्र का सहारा लेते हुए आपराधिक घटनाओं का अनुसंधान और जांच-पड़ताल करें, लेकिन इसके साथ ही जो पुराने तौर-तरीके हैं, उसे भी कायम रखें. आजकल लोग सोचते हैं कि समस्याओं का समाधान मोबाइल में है, लेकिन अनुसंधान के लिए मौलिक चीजों की हमेशा जरूरत पड़ेगी.
कानून- व्यवस्था को बनाये रखने में अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहेगी. हम तो यही कहेंगे कि अश्वारोही सैन्य पुलिस को निरंतर कायम रखते हुए जरूरत के अनुसार इनकी संख्या में वृद्धि करें.
पुलिस सुधार के अपने कामों को गिनाया
पुलिस में महिलाओं को 35% आरक्षण
सभी थानों में विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण अलग-अलग
सभी थानों में महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था
पटना में पुलिस मुख्यालय के रूप में सरदार पटेल भवन का निर्माण
राजगीर पुलिस एकेडमी का निर्माण
पुलिस बल की संख्या में बढ़ोतरी
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