पीयू में 539 करोड़ घाटे का बजट पास
Updated at : 15 Nov 2019 6:41 AM (IST)
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पटना : पटना विश्वविद्यालय के सीनेट की बैठक में पहली बार बजट साढ़े पांच करोड़ के पार चला गया है. विवि का कुल बजट 550.17 करोड़ रुपये गुरुवार को सीनेट में स्वीकृत कर दिया गया. विश्वविद्यालय की कुल आय 29.66 करोड़ रही जबकि कुल शुद्ध घाटे का बजट 539.24 करोड़ रुपये को सीनेट ने स्वीकृति […]
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पटना : पटना विश्वविद्यालय के सीनेट की बैठक में पहली बार बजट साढ़े पांच करोड़ के पार चला गया है. विवि का कुल बजट 550.17 करोड़ रुपये गुरुवार को सीनेट में स्वीकृत कर दिया गया. विश्वविद्यालय की कुल आय 29.66 करोड़ रही जबकि कुल शुद्ध घाटे का बजट 539.24 करोड़ रुपये को सीनेट ने स्वीकृति दे दी.
सदन की ओर से प्रतिकुलपति प्रो डॉली सिन्हा ने बजट भाषण पढ़ा. उक्त बजट में वेतन-पेंशन, महंगाई भत्ता, नगर निगम कर, कर्मियों का बकाया समेत आइक्यूएसी के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन, शिक्षकों के प्रशिक्षण, पुस्तक क्रय, इ-जर्नल आदि का प्रावधान किया गया है.
प्लेसमेंट सेल, पुस्तकालय कैफेटेरिया व इ लाइब्रेरी पर होगा खर्च : बजट में प्लेसमेंट सेल, बाउंड्री वाल, दरभंगा हाउस में लिफ्ट, पुस्तकालय में इ-लाइब्रेरी व कैफेटेरिया निर्माण कार्य पर खर्च का प्रावधान किया गया है.
रिसर्च प्रोमोशन, बुक एवं जर्नल, आउटसोर्सिंग, कांफ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप आदि पर खर्च का प्रावधान किया गाय है. स्नातकोत्तर विभागों के लिए बहुमंजिला इमारत बनाने का भी लक्ष्य है जिसमें प्रस्तावित 13 नये विभाग शिफ्ट किये जायेंगे.
सीनेट में एकेडमिक काउंसिल व सिंडिकेट की बैठकों के सभी स्वीकृत मुद्दों को स्वीकृति दे दी गयी. इसमें मुख्य रूप से सीबीसीएस व सेमेस्टर सिस्टम के तहत 18 कोर्स तथा डीडीइ के आठ कोर्स को स्वीकृति प्रदान की गयी.
हंगामेदार रहा प्रश्नोत्तर सत्र, छात्रों से जुड़े कई सवाल उठे : सीनेट की बैठक में एक घंटे का प्रश्नोत्तर सत्र काफी हंगामेदार रहा. बाहरी प्रवेश को लेकर सीनेट सदस्य पप्पू वर्मा ने सवाल उठाये. कहा कि बाहरी लोगों को कैंपस में पूजा-पाठ या नमाज की अनुमति न हो. इस पर छात्र संघ के सदस्य कुमार सत्यम ने सवाल खड़े कर दिये. प्रो जावेद हयात, मो शरीफ समेत कई शिक्षकों ने भी इसका विरोध किया. हालांकि कुलपति ने मामले को संभाला.
लाइब्रेरी में किताबें और बंद हॉस्टल को खोलने की हुई मांग
इसके बाद छात्र संघ के महासचिव मणिकांत मणि ने लाइब्रेरी में किताबें नहीं होने, हॉस्टल बंद होने और छात्रों पर फर्जी एफआइआर किये जाने का मुद्दा उठाया. इस पर स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन ने विरोध करते हुए कहा कि छात्रों के द्वारा सुधार के लिए उठाये गये कदम में व्यवधान पहुंचाया जाता है और छात्र संघ को उस पर रोक लगवाना चाहिए.
हॉस्टलों से मेधावी छात्रों को मारपीट कर भगाया जाता है. नोटिस निकालने पर डर से छात्र आवेदन नहीं करते. मणिकांत मणि ने शिक्षकों की कमी और वोकेशनल कोर्स में पीएचडी रोके जाने का मुद्दा भी उठाया.
अंग्रेजों के नाम हटाकर देश के महापुरुषों के नाम से भवनों के नाम रखने का दिया प्रस्ताव
पप्पू वर्मा ने अंग्रेजों के नाम पर सभी भवनों को देश के महापुरुषों के नाम पर करने का प्रस्ताव दिया. कर्मचारी संघ के सुबोध कुमार ने क्वार्टर नहीं बनने, प्रोमोशन और हड़ताल के दौरान का कॉलेज कर्मचारियों की राशि काटे जाने का मुद्दा उठाया. छात्र संघ के राजा रवि ने वोकेशनल कोर्स में सुविधाओं की कमी व बीएन कॉलेज के बीसीए में कंप्यूटर नहीं होने का मुद्दा उठाया. इस प्राचार्य राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि लैब बनकर तैयार है. राजकिशोर प्रसाद ने शिक्षकों को शोध के लिए इंसेंटिव देने का मुद्दा भी उठाया.
प्रो रामवचन राय ने गांधी का पीयू में दिये गये भाषण के संकलन का प्रश्न उठाया. प्रो चंद्रमा सिंह ने वाणिज्य कॉलेज व अप्लाइंड इकोनोमिक्स एंड कॉमर्स का के भवन का मामला उठाया. प्रो डेजी नारायण ने विभागों की लाइब्रेरी दुरुस्त करने तथा किताबों के लिए फंड का मामला उठाया.
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