पटना : दो वर्षों का कोर्स 18 माह में किया पूरा, सुनवाई आज

Updated at : 07 Nov 2019 8:09 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : दो वर्षों का कोर्स 18 माह में किया पूरा, सुनवाई आज

पटना : डीएलएड शिक्षकों की पीआइएल पर बुधवार को पटना हाइकोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. गुरुवार को कोर्ट में पुन: सुनवाई के लिए बुलाया गया है. बुधवार को कोर्ट में डीएलएड शिक्षकों ने नियोजन प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है. नौ नवंबर को अंतिम तिथि होने के कारण एनआइओएस […]

विज्ञापन
पटना : डीएलएड शिक्षकों की पीआइएल पर बुधवार को पटना हाइकोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. गुरुवार को कोर्ट में पुन: सुनवाई के लिए बुलाया गया है. बुधवार को कोर्ट में डीएलएड शिक्षकों ने नियोजन प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है. नौ नवंबर को अंतिम तिथि होने के कारण एनआइओएस डीएलएड शिक्षक संघ परेशान है.
वहीं दूसरी ओर गर्दनीबाग में अनशन पर बैठे डीएलएड पास युवकों का कहना है कि जानबूझ कर सरकारी वकील मामले को लंबा ले जाना चाह रही है. एनआइओएस से डीएलएड करने वालों के साथ सरकार नाइंसाफी कर रही है. सत्र 2017-2019 में एडमिशन इस वादे के साथ कराया गया था कि जो अप्रशिक्षित शिक्षक यह कोर्स पूरा कर लेंगे, वे पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में पढ़ाने के लिए योग्य होंगे.
सर्टिफिकेट में जिक्र है सत्र 2017-19 का
दो साल के कोर्स को 18 महीने में पूरा कराया गया. डिग्री और मार्कशीट में कहीं 18 माह का जिक्र नहीं है. उसके बाद सरकार 18 माह के कोर्स का हवाला देकर शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया में शामिल होने से रोक रही है. यह गर्दनीबाग में अनशन पर बैठे डीएलएड पास युवकों का कहना है.
अनशन पर बैठे लोगों ने कहा कि सरकार शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में शामिल होने का मौका दे. एमएचआरडी के अंतर्गत एनआइओएस ने यह कोर्स कराया था. दूसरे राज्यों में इसी डीएलएड कोर्स को मान्यता दिया गया और कई लोग शिक्षक बने, लेकिन बिहार सरकार इसे गलत मान रही है. एनआइओएस के अधिकारियों ने कहा कि कोर्स दो साल का था केवल 18 माह में कोर्स को समाप्त किया गया है. सभी लोग शिक्षक बनने के योग्य हैं. कोर्स की मान्यता पूरे देश में है. यह कोर्स इन-सर्विस टीचर के लिए प्रोग्राम था. वैसे शिक्षक जो कहीं पढ़ा तो रहे थे मगर उनके पास टीचर ट्रेनिंग नहीं था. जिसके कारण नियोजन और नियुक्ति में वे पिछड़ जा रहे थे.
यह भी दो साल का ही डिप्लोमा था, जिसमें बाकी के छह महीने बतौर इंटर्नशिप शामिल किया गया था. क्योंकि सभी शिक्षक अपनी सर्विस में थे. शिक्षा विभाग ने इस पर कहा है कि एनसीटीइ ने दो साल के न्यूनतम ट्रेनिंग प्रोग्राम को ही मान्यता दी. एनसीटीइ के आदेश के बाद ही नियोजन प्रक्रिया में शामिल नहीं करने के लिए पत्र जारी किया गया था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन