पटना : ढाई साल बाद फिर गांधी मैदान लौटेगा पटना पुस्तक मेला

Updated at : 04 Nov 2019 8:58 AM (IST)
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पटना : ढाई साल बाद फिर गांधी मैदान लौटेगा पटना पुस्तक मेला

स्क्वायर फुट में सजेगी किताबों की दुनिया, आठ से साहित्य के सागर में गोते लगायेंगे पाठक पटना : ढाई वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पटना पुस्तक मेला फिर गांधी मैदान में लौट रहा है. 11 दिवसीय यह मेला 8 से 18 नवंबर तक चलेगा. इसके लिए गांधी मैदान के करीब एक लाख स्क्वायर फुट […]

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स्क्वायर फुट में सजेगी किताबों की दुनिया, आठ से साहित्य के सागर में गोते लगायेंगे पाठक
पटना : ढाई वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पटना पुस्तक मेला फिर गांधी मैदान में लौट रहा है. 11 दिवसीय यह मेला 8 से 18 नवंबर तक चलेगा. इसके लिए गांधी मैदान के करीब एक लाख स्क्वायर फुट भू-भाग पर किताबों की दुनिया सजायी जा रही है. इसमें देश-दुनिया के कई बड़े प्रकाशक शामिल होंगे. मेले में दिव्यांगों का प्रवेश बिलकुल नि:शुल्क होगा, जबकि स्कूली बच्चों को यूनिफॉर्म और परिचय पत्र के साथ फ्री इंट्री मिलेगी. कॉलेज के छात्रों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक परिचय पत्र के आधार पर नि:शुल्क प्रवेश दिया जायेगा.
फरवरी 2017 में गांधी मैदान में लगा था पुस्तक मेला : सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) का पटना पुस्तक मेला आखिरी बार फरवरी 2017 में गांधी मैदान में लगाया गया था. हालांकि इसके बाद दिसंबर 2017 में इसका आयोजन ज्ञान भवन में हुआ, मगर इसको गांधी मैदान जैसा रिस्पांस नहीं मिल सका. वर्ष 2018 में अचानक ज्ञान भवन का शुल्क बढ़ जाने की वजह से आयोजन टालना पड़ा. आखिरी क्षणों में गांधी मैदान की बुकिंग भी संभव नहीं हुई. अंतत: ढ़ाई वर्षों के बाद नवंबर 2019 में फिर गांधी मैदान में इसका आयोजन होगा.
होंगे साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन भी : सीआरडी के अध्यक्ष रत्नेश्वर झा ने बताया कि मेले में बाल साहित्य और अन्य साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे. इसमें देश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि, कथाकार, पत्रकार और विविध विषयों के विशेषज्ञ शामिल होंगे. मेले में बच्चों के लिए कथा–पाठ की शृंखला चलायी जायेगी.
लगेंगे 780 स्टॉल, होगी सरकारी खरीदारी
संयोजक अमित झा ने बताया कि स्क्वायर शेप में बनने वाले पटना पुस्तक मेले में इस बार 780 स्टॉल लगाये जायेंगे. इनमें राजकमल, वाणी, किताब घर, पीएम पब्लिकेशंस, उपकार, पुस्तक महल, सेज, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, नोवेल्टी एंड कंपनी, रैपिडेक्स ग्लोबल एडुकेशन, ओस्वाल बुक्स, ओस्वाल पिंटर्स एंड पब्लिशर्स, सम्यक, राजपाल एंड संस, प्रतियोगिता दर्पण समेत कई प्रमुख प्रकाशक शामिल होंगे. शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा निदेशक ने भी सभी कुलपतियों को चिट्ठी लिख कर कहा कि इस मेले का लाभ उठायें. उन्होंने बताया कि दिव्यांग और अशक्त लोगों के लिए मेले में इ-रिक्शा और व्हीलचेयर की व्यवस्था होगी.
राजेश कुमार के नाम पर मुख्य प्रवेश द्वार
उन्होंने बताया कि मुख्य प्रवेश द्वार का नाम ‘राजेश कुमार स्मृति द्वार’ रखा गया है. ज्ञात हो पटना पुस्तक मेला की आधारशिला रखने वाले चार संस्थापकों में एक सशक्त स्तंभ राजेश कुमार का निधन पिछले वर्ष हो गया. उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष ‘राजेश कुमार मेमोरियल स्कॉलरशिप’ दी जायेगी. इसकी राशि 15,000/– होगी. यह छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र को दी जायेगी. 35 वर्ष या उससे कम उम्र की बिहारी प्रतिभा को पुरस्कृत किया जायेगा.
जनसंवाद में शामिल होंगे प्रमुख कलमकार
जनसंवाद’ में प्रमुख कलमकार शामिल होंगे. प्रदेश के बाहर से आनेवाले लेखकों, विद्वानों और विशेषज्ञों में जल विशेषज्ञ राजेन्द्र सिंह, सुधा सिंह, योगिता यादव, रवीना बारीहा, सलीम आरिफ, अनुशक्ति सिंह, गंगा प्रसाद विमल, अनंत विजय, अब्दुल बिस्मिल्लाह, जय प्रकाश करदम आदि प्रमुख लेखकों को आमंत्रित किया गया है.
युवा काव्य गोष्ठी में भी कई उभरते कवियों को मौका मिलेगा. साहित्यिक संस्था ‘आयाम’ महिलाओं पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित करेगी. इसके तहत काव्यपाठ और कथापाठ का आयोजन किया जायेगा. ‘यात्रा’ कार्यक्रम में चर्चित लेखक फणीश सिंह से अंग्रेजी भाषा के विद्वान शैलेश्वर सती प्रसाद विशेष बातचीत करेंगे.
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