सीमांचल में ओवैसी की दस्तक कांग्रेस-राजद के लिए खतरे की घंटी

Updated at : 25 Oct 2019 7:50 AM (IST)
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सीमांचल में ओवैसी की दस्तक कांग्रेस-राजद के लिए खतरे की घंटी

पटना : सीमांचल क्षेत्र में ओवैसी की पार्टी आइएएमआइएम की इंट्री कांग्रेस और राजद के लिए भी चुनौती बन गयी है. अब तक सेकुलर और अल्पसंख्यक मतों पर राजद, कांग्रेस दावा करती आ रही थी. बिहार सरकार की कार्यों की बदौलत जदयू को भी इस मत पर भरोसा था. लेकिन, किशनगंज विधानसभा सीट पर न […]

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पटना : सीमांचल क्षेत्र में ओवैसी की पार्टी आइएएमआइएम की इंट्री कांग्रेस और राजद के लिए भी चुनौती बन गयी है. अब तक सेकुलर और अल्पसंख्यक मतों पर राजद, कांग्रेस दावा करती आ रही थी.
बिहार सरकार की कार्यों की बदौलत जदयू को भी इस मत पर भरोसा था. लेकिन, किशनगंज विधानसभा सीट पर न तो कांग्रेस और न ही भाजपा-जदयू की सम्मिलित ताकत कट्टरवादी पहचान वाले ओवेसी की पार्टी को विधानसभा पहुंचने से रोक पायी. सीमांचल के चार जिले अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया से चार सांसद और करीब तीस विधायक चुन कर आते हैं. ऐसे में ओवैसी की पार्टी की इंट्री मिल जाने से इस पूरे इलाके में खास तरह की राजनीति को जगह मिल सकती है.
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