घाटों पर खुदेंगे तालाब, उसी में विसर्जन

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पटना : इस वर्ष गंगा में मां दुर्गा व उनके साथ शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन नहीं होगा. विसर्जन के लिए शहर के गंगा घाटों पर अस्थायी तालाब बनवाये जा रहे हैं. डीएम कुमार रवि ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेश के संदर्भ में जिले के सभी एसडीओ […]

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पटना : इस वर्ष गंगा में मां दुर्गा व उनके साथ शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन नहीं होगा. विसर्जन के लिए शहर के गंगा घाटों पर अस्थायी तालाब बनवाये जा रहे हैं. डीएम कुमार रवि ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेश के संदर्भ में जिले के सभी एसडीओ को इसके लिए निर्देश दिया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन वाले हर घाट के समीप ऐसे तालाब खुदवायें, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सके.

आपके शहर में

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मंगलवार को विसर्जन होने के कारण सोमवार को इन अस्थायी तालाबों का निर्माण कर लिया जाना है. दीघा में पहलवान घाट के पास दो अस्थायी तालाब और पटना सिटी में भद्रघाट के पास ऐसे दो कृत्रिम तालाब के निर्माण के लिए रविवार को ही स्थल चुन लिया गया और डीएम ने इनका निरीक्षण भी किया.
एनजीटी के आदेश और लोगों को बदली विसर्जन व्यवस्था की जानकारी देने के लिए शहर के प्रमुख पूजा पंडालों और घाटों की ओर जाने वाले रास्ते में जगह जगह होर्डिंग लगाये जायेंगे, जिनमें मूर्ति विसर्जन पर लगी रोक के बारे में बताया जायेगा और कृत्रिम तालाब की जानकारी दी जायेगी, जो लोग इसके बावजूद नदी में विसर्जन करने का प्रयास करेंगे, उन पर एफआइआर दर्ज कर 50 हजार रुपये जुर्माना राशि वसूली जायेगी और प्रावधान के अनुरूप वह राशि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया जायेगा.
शहर में 1236 पूजा पंडाल हैं. दशमी के दिन मंगलवार होने के कारण कई पूजा पंडाल विसर्जन नहीं करेंगे. कुछ पूजा पंडालों की परंपरा भी रही है कि वे एक दो दिन बाद ही मूर्ति विसर्जित करते हैं. एडीएम विधि व्यवस्था ने कहा कि मूर्ति विसर्जित करने की तिथि का उल्लेख पूजा समितियों को लाइसेंस लेते समय ही करना पड़ता है. लाइसेंस में उल्लेखित समय पर पूजा समितियों को मूर्ति विसर्जित करना पड़ेगा.
लगेगी होर्डिंग व देना होगा 50 हजार जुर्माना
एनजीटी के आदेश और लोगों को बदली विसर्जन व्यवस्था की जानकारी देने के लिए शहर के प्रमुख पूजा पंडालों और घाटों की ओर जाने वाले रास्ते में जगह जगह होर्डिंग लगाये जायेंगे, जिनमें मूर्ति विसर्जन पर लगी रोक के बारे में बताया जायेगा और कृत्रिम तालाब की जानकारी दी जायेगी, जो लोग इसके बावजूद नदी में विसर्जन करने का प्रयास करेंगे, उन पर एफआइआर दर्ज कर 50 हजार रुपये जुर्माना राशि वसूली जायेगी और प्रावधान के अनुरूप वह राशि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया जायेगा.
शहर में 1236 पूजा पंडाल हैं. दशमी के दिन मंगलवार होने के कारण कई पूजा पंडाल विसर्जन नहीं करेंगे. कुछ पूजा पंडालों की परंपरा भी रही है कि वे एक दो दिन बाद ही मूर्ति विसर्जित करते हैं. एडीएम विधि व्यवस्था ने कहा कि मूर्ति विसर्जित करने की तिथि का उल्लेख पूजा समितियों को लाइसेंस लेते समय ही करना पड़ता है. लाइसेंस में उल्लेखित समय पर पूजा समितियों को मूर्ति विसर्जित करना पड़ेगा.
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