वियतनाम से पटना चिड़ियाघर आयेगा दो सींगों वाला गैंडा
Updated at : 16 Sep 2019 8:27 AM (IST)
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अनुपम कुमार सेंट्रल जू ऑथोरिटी ने दी इजाजत, लंबे समय से जू प्रशासन इसके लिए प्रयास कर रहा था पटना : सेंट्रल जू ऑथोरिटी ने वियतनाम से दो सींगों वाले गैंडे को भारत लाने की इजाजत दे दी है. इसके साथ ही वियतनाम से इसे पटना जू लाने का रास्ता साफ हो गया है. विदित […]
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अनुपम कुमार
सेंट्रल जू ऑथोरिटी ने दी इजाजत, लंबे समय से जू प्रशासन इसके लिए प्रयास कर रहा था
पटना : सेंट्रल जू ऑथोरिटी ने वियतनाम से दो सींगों वाले गैंडे को भारत लाने की इजाजत दे दी है. इसके साथ ही वियतनाम से इसे पटना जू लाने का रास्ता साफ हो गया है.
विदित हो कि पिछले वर्ष गैंडा दिवस के अवसर पर उपमुख्यमंत्री सह वन व पर्यावरण मंत्री सुशील मोदी ने पटना जू में वियतनाम से दो सींगों वाला गैंडा लाने की घोषणा की थी. उसके बाद से ही जू प्रशासन इसके लिए प्रयास कर रहा था. इस दौरान वियतनाम जू से बात की गयी और उसकी सहमति मिलने के बाद सेंट्रल जू ऑथोरिटी को इसके लिए आवेदन दिया गया था. लंबे समय तक प्रस्ताव पर विचार करने के बाद अंतत: सेंट्रल जू ऑथोरिटी ने शुक्रवार की शाम को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
मैसूर के बाद पटना जू होगा दूसरा चिड़ियाघर : शनिवार को इजाजत मिलने की सूचना मिलने के साथ ही जू प्रशासन ने गैंडा को लाने की तैयारी शुरू कर दी और दो सींगों वाले गैंडे की जीवनशैली का अध्ययन करने के लिए पटना जू के निदेशक अमित कुमार रविवार को मैसूर जू पहुंचे. वहां वियतनाम से ऐसा ही दो सींगों वाला एक जोड़ा गैंडा लाया गया है. पटना जू ऐसा दूसरा जू होगा जहां दो सींगों वाला वियतनामी गैंडा होगा.
पटना जू से जायेगा एक जोड़ा गैंडा : वियतनाम से एक जोड़ा दो सींगों वाला गैंडा लाने के एवज में पटना जू उसे एक जोड़ा एक सींग वाला गैंडा देगा. सेंट्रल जू ऑथोरिटी ने दो दिन पहले इसकी इजाजत भी दे दी है.
कांछा और कांछी के आने से शुरू हुआ गैंडों का निवास
पटना जू में गैंडों का इतिहास अाज से 40 वर्ष पहले 1979 में शुरू हुआ, जब असम से कांछा व कांछी नामक पहला गैंडा जोड़ा यहां आया. इनमें नर कांछा की उम्र दो वर्ष जबकि मादा कांछी की उम्र पांच वर्ष थी. 1982 में तीसरा गैंडा राजू बेतिया से राहत और बचाव कार्य के तहत उद्यान को प्राप्त हुआ जो नेपाल से बाढ़ के पानी में बह कर भारत चला आया था. छह साल बाद राजू और कांछी के मिलन से मादा गैंडा हड़ताली का जन्म हुआ, जिसने 1997 से 2012 तक कुल आठ गैंडों को जन्म दिया.
मिल गयी वियतनाम से गैंडों के अदला-बदली को मंजूरी
सेंट्रल जू ऑथेरिटी से वियतनाम से गैंडों की अदला बदली को दो दिन पहले मंजूरी मिल गयी है. इसी के साथ पटना जू में अब वियतनाम से दो सींगों वाला गैंडा आना तय हो गया है. अब हम तेजी से प्रक्रिया को पूरी करने और पटना जू में गैंडा लाने का प्रयास करेंगे.
दीपक कुमार सिंह, प्रधान सचिव, वन व पर्यावरण विभाग
देश में सबसे अधिक 11 गैंडे पटना जू में
पटना जू में इन दिनों 11 गैंडे हैं और गैंडों की संख्या की दृष्टि से देश में इसका स्थान पहला और पूरे दुनिया के जू में दूसरा है. इनमें से पांच मादा जबकि छह नर हैं. पटना जू में असम से एक गैंडा जल्द आयेगा. इससे यहां गैंडो की संख्या 12 हो जायेगी.
1. नर गैंडा 2. अयोध्या
3. गणेश 4. शक्तिराज
5. जंबाे 6. विद्युत
7. मादा गैंडा 8. हड़ताली
9. रानी 10. गौरी
11. लाली 12. एलेक्सन
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