डीजीपी ने दिये आदेश, फिर भी पुलिस के लिए चुनौती बने लुटेरे

Updated at : 09 Sep 2019 7:07 AM (IST)
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डीजीपी ने दिये आदेश, फिर भी पुलिस के लिए चुनौती बने लुटेरे

अनुज शर्मा, पटना : सरकार ने पुलिस को आधुनिक हथियार-उपकरण से लेकर नयी इमारतें तक दी हैं. डीजीपी हर सात दिन पर कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं. पुलिस मुख्यालय आदेश-निर्देश जारी कर रहा है. दोषियों पर कार्रवाई, अच्छा काम करने वालों को पुरस्कार दिया जा रहा है. इसके बाद भी राज्य में लूट […]

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अनुज शर्मा, पटना : सरकार ने पुलिस को आधुनिक हथियार-उपकरण से लेकर नयी इमारतें तक दी हैं. डीजीपी हर सात दिन पर कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं. पुलिस मुख्यालय आदेश-निर्देश जारी कर रहा है. दोषियों पर कार्रवाई, अच्छा काम करने वालों को पुरस्कार दिया जा रहा है.

इसके बाद भी राज्य में लूट की हाल में हुई घटनाओं ने अपराध नियंत्रण पर सवाल खड़ा कर दिया है. पुलिस ने जनवरी से मई तक 98 हजार 280 अपराधियों-आरोपियों को गिरफ्तार किया. जनवरी 18 से मई 19 तक 3650 मामलों में सजा दिलायी गयी.
400 से अधिक दागी दारोगा- इंस्पेक्टरों से चार्ज छीन लिया गया है. 27 से अधिक डीएसपी पर विभागीय कार्यवाही को लिखा गया है. इसके बाद भी पुलिस का खौफ वह नहीं दिख रहा जो होना चाहिए. हर दिन कहीं न कहीं बड़ी वारदात हो रही है. विशेषकर उत्तर बिहार में लुटेरों ने पुलिस के नाम में दम किये बैठे हैं.
बिहार में एंट्री क्रिमिनल ऑपरेशन के लिए चर्चित एक सीनियर आइपीएस अधिकारी का कहना है कि मुख्यालय के आदेश का जिला में पालन पूरा हो रहा है, लेकिन पुलिस गिरोहों की पहचान करने में चूक रही है. एक-दो वारदात के बाद अपराधी पकड़े नहीं जा रहे, इसलिए वह चुनौती बन रहे हैं. लाॅ एंड आॅर्डर विंग में जवानों की कमी है. दागी पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है.
मैनपॉवर की कमी हो गयी है. पेट्रोलिंग 24 घंटे नहीं हो पा रही है. एडीजी लॉ एंड आॅर्डर अमित कुमार का कहना है कि पुलिस संगठित अपराध-घटनाओं को रोक दिया है. वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पटना, समस्तीपुर आदि कुछ जिले हैं वहीं घटनाएं बार-बार हो रही हैं.
पुलिस मुस्तैद है. मुजफ्फ्पुर सहित जिन जिलों में क्राइम बढ़ा है, वहां का विश्लेषण कर रहे हैं. जहां हमारी रणनीति सफल नहीं हुई है, वहां दूसरी रणनीति बना रहे हैं. एक -एक गांव के अपराधी की कुंडली खंगाली जा रही है. अभियान चलाकर अपराधियों पर शिकंजा कस रहे हैं.
जितेंद्र कुमार, एडीजी मुख्यालय सह पुलिस प्रवक्ता
क्या कहते हैं एससीआरबी के आंकड़े
जनवरी से मई, 2019 तक के आंकड़े
अपराध 2018 2019
संज्ञेय 262802 108902
हत्या 2933 1277
लूट 1734 860
डकैती 278 141
अपराध 2018 2019
रोड डकैती 121 63
दंगा 10276 3001
चोरी 30915 14189
रोड लूट 1464 754
सात दिनों में लूट की घटनाएं
7 सितंबर सराय थाना क्षेत्र में भारत फाइनेंस कंपनी के कर्मी से 8 लाख की लूट
6 सितंबर को मुजफ्फरपुर में 17.62 लाख रुपये की लूट
6 सितंबर को किउल – गया- रेल खंड पर पैंसेंजर ट्रेन में लूट
5 सितंबर को फतुआ के रानीपुर में घरवालों को बंधक बनाकर लूटपाट की
5 सितंबर को मुजफ्फरपुर में बैरिया के समीप फाइनेंस कंपनी के मैनेजर से 12.45 लाख की लूट
4 सितंबर को सोनपुर थाना क्षेत्र में सोनपुर में फाइनेंस कर्मी से 5.6 लाख की लूट
1 सितंबर को सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में लोजपा नेता की हत्या कर बाइक लूटी
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