बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग राज्यसभा में उठी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Jul 2019 4:53 PM
नयी दिल्ली : बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग करते हुए राज्यसभा में भाजपा के एक सदस्य ने बुधवार को कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह करने वाले दमनकारी के नाम पर इस रेलवे स्टेशन का नाम होना, एक तरह से दमनकारी का महिमामंडन करने जैसा है. भाजपा सदस्य गोपाल नारायण सिंह ने […]
नयी दिल्ली : बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग करते हुए राज्यसभा में भाजपा के एक सदस्य ने बुधवार को कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह करने वाले दमनकारी के नाम पर इस रेलवे स्टेशन का नाम होना, एक तरह से दमनकारी का महिमामंडन करने जैसा है. भाजपा सदस्य गोपाल नारायण सिंह ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि बखतियार खिलजी ने बिहार में स्थित विश्वविख्यात नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था और 2,000 से अधिक बौद्ध भिक्षुओं को मार डाला था.
उन्होंने कहा कि उसी खिलजी के नाम पर बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम रखा गया है. उन्होंने कहा कि खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय को इस हद तक तबाह किया था कि वहां लगी आग दो से तीन साल तक बुझ नहीं पाई थी, वहां की किताबें सुलगती रही थीं. वहां पर छह किमी तक के हिस्से की खुदाई में जली हुई किताबें अब तक मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह करने वाले दमनकारी के नाम पर इस रेलवे स्टेशन का नाम होना, एक तरह से दमनकारी का महिमामंडन करने जैसा है.
बीजद के प्रशांत नंदा ने ओडिशा के प्रख्यात कोणार्क सूर्य मंदिर के संरक्षण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि यूनेस्को धरोहर स्थल प्राप्त कोणार्क मंदिर जलभराव और क्षरण की वजह से प्रभावित हो रहा है. उन्होंने बताया कि 1939 से इस मंदिर का संरक्षण एएसआई कर रही है. नंदा के अनुसार, मंदिर के खराब हो चुके पत्थरों को हटा कर वहां एएसआई ने नक्काशी वाले पत्थरों के बजाय सादे पत्थर लगाये जो नहीं लगाये जाने चाहिए थे. इससे लोगों में असंतोष है. उन्होंने कहा कि यूनेस्को के इस धरोहर स्थल के संरक्षण के लिए एक मास्टर प्लान बनाया जाना चाहिए.
समीर ओरांव ने आदिवासियों की अनदेखी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि देश को आजाद हुए 70 साल से अधिक समय हो गया, लेकिन आदिवासी शिक्षा से पूरी तरह जुड़ नहीं पाए. ओरांव ने झारखंड में आदिवासियों के लिए एक अलग स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की मांग की.
अन्नाद्रमुक की विजिला सत्यानंद ने मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा घोषित किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि मलेशिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री मदुरै हवाईअड्डे का इस्तेमाल करते हैं. कांग्रेस की वानसुक सियाम ने नयी शिक्षा नीति में स्थानीय भाषाओं और बोलियों को प्रधानता दिए जाने की मांग की.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










