NMC बिल का विरोध : ओपीडी में मरीजों को देखना अचानक बंद कर हड़ताल पर चले गये चिकित्सक, मरीज हलकान

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

प्रभात खबर टोली @ पटना

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) विधेयक के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बुधवार की सुबह छह बजे से गुरुवार की सुबह छह बजे तक 24 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया है. दरभंगा में जहां सभी चिकित्सा संस्थानों में बुधवार की सुबह छह बजे से चिकित्सा व्यवस्था ठप कर दी गयी, वहीं राजधानी पटना और मधुबनी में चिकित्सकों ने प्रतिदिन की तरह ओपीडी में मरीजों को देखना आरंभ किया. लेकिन, आईएमए की ओर से सूचना मिलने पर चिकित्सकों ने मरीजों को देखना बंद कर दिया.

NMC बिल का विरोध : ओपीडी में मरीजों को देखना अचानक बंद कर हड़ताल पर चले गये चिकित्सक, मरीज हलकान

जानकारी के मुताबिक, राजधानी पटना के पीएमसीएच और आईजीआईएमएस और मधुबनी में प्रतिदिन की तरह ओपीडी में चिकित्सकों ने मरीजों को देखना शुरू किया. लेकिन, आईएमए की ओर से सूचना मिलने पर चिकित्सकों ने काम ठप कर दिया. पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टर चिकित्सा सेवा ठप कर बाहर आ गये और प्रदर्शन करने लगे. वहीं, आईजीआईएमएस में ओपीडी खुला है. आईजीआईएमएस में बंद समर्थक पहुंचे और ओपीडी में ताला बंद करने की कोशिश की. वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने ताला बंद करने से बंद समर्थकों को रोक दिया. इधर, मधुबनी में आईएमए की हड़ताल को लेकर सुबह करीब साढ़े दस बजे तक जिले में कोई सूचना नहीं होने से अन्य दिनों की तरह ही ओपीडी में मरीजों को देखा गया. लेकिन, इसके बाद सूचना मिलने पर चिकित्सकों ने मरीजों को देखना बंद कर दिया.

दरभंगा में चिकित्सा सेवा ठप

दरभंगा स्थित डीएमसीएच समेत जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों में बुधवार की सुबह छह बजे से चिकित्सा व्यवस्था ठप कर दी गयी है. आइएमए के आह्वान पर चिकित्सक 24 घंटे की हड़ताल पर चले गये हैं. मरीजों का बुरा हाल है. मरीज और परिजन सुबह से ही एक जगह से दूसरी जगह भटक रहे हैं. डीएमसीएच में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को हड़ताल से अलग रखा गया है.

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एनएमसी बिल को वापस लेने की मांग पर अड़े डॉक्टरों द्वारा डीएमसीएच के मेन और गायनी ओपीडी में चिकित्सा कार्य का बहिष्कार कर दिये जाने से दो हजार से अधिक मरीजों और परिजनों को वापस जाना पड़ रहा है. करीब 300-400 मरीजों और उनके परिजन इलाज की आस में अब भी डीएमसीएच में चक्कर काट रहे हैं. मंगलवार की शाम को ही आइएमए ने एनएमसी के विरोध में 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल का निर्णय किया था.

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एनएमसी बिल की धारा-32 का विरोध

आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सांतनु सेन ने कहा है कि यदि एनएमसी विधेयक की धारा-32 नहीं हटायी गयी, तो सरकार 'अपने हाथ खून से रंगेगी.' उन्होंने कहा कि नीम-हकीमी वैध हो जायेगी. इससे लोगों की जान खतरे में पड़ेगी. आईएमए विधेयक के कुछ अन्य प्रावधानों के भी खिलाफ है. उन्होंने कहा कि 'एनएमसी विधेयक रोगियों की सुरक्षा से समझौता करता है. यह लोकतंत्र, संघवाद और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन भी करता है.'

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