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बिहार में बाढ़ को ध्यान में रखकर नयी तकनीकों से बनें पुल : नीतीश कुमार

Updated at : 27 Jul 2019 4:46 AM (IST)
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बिहार में बाढ़ को ध्यान में रखकर नयी तकनीकों से बनें पुल : नीतीश कुमार

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार बाढ़ग्रस्त राज्य है. इसे ध्यान में रखकर नयी तकनीक आधारित पुल बनाने पर विचार करना होगा. साथ ही व्यवस्था बनानी पड़ेगी कि नदी में भी पुलों की जांच हो. सभी पुलों का हेल्थ कार्ड बने और हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाये. सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार बाढ़ग्रस्त राज्य है. इसे ध्यान में रखकर नयी तकनीक आधारित पुल बनाने पर विचार करना होगा. साथ ही व्यवस्था बनानी पड़ेगी कि नदी में भी पुलों की जांच हो. सभी पुलों का हेल्थ कार्ड बने और हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाये. सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के ज्ञान भवन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने ‘मेजर ब्रिजेज इन बिहार, इनोवेशन एंड चैलेंजेज’ पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा िक पुलों का सेफ्टी ऑडिट हो.

मेंटेनेंस पॉलिसी बन रही है, उनका प्रोटोकॉल भी बने. पुल बनने पर नदियों का प्रवाह बाधित नहीं हो. पुल प्रबंधन प्रणाली भी बने और रूटीन जांच हो. उन्होंने कहा कि पुलों के मेंटेनेंस के लिए इंजीनियरों को प्रशिक्षित कर उनका टेस्ट लिया जाये.
एक डेडिकेटेड विंग बने. साथ ही ज्यादा से ज्यादा एलिवेटेड सड़कें बनायी जाएं. महिलाएं भी पुल निर्माण के क्षेत्र में आएं, तो बेहतर होगा. कार्यशाला का आयोजन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड और पुल बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी आइएनजी-आइएबीएसइ ने संयुक्त रूप से किया था.
सड़क बनाने में भूमि अधिग्रहण की समस्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका बेहतर उपाय राज्य में एलिवेटेड सड़कों का निर्माण है. दानापुर से बिहटा के बीच करीब 18 किमी एलिवेटेड सड़क बनेगी. दीघा से सोन गंगा पुल का एप्रोच एलिवेटेड बन रहा है. पटना में नेहरू पथ (बेली रोड) का पौने तीन किमी का हिस्सा एलिवेटेड बना है.
वहीं, लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून में अब तक साढ़े चार लाख से ज्यादा शिकायतों का निबटारा हुआ है. रोड मेंटेनेंस को भी इसके दायरे में लाने से आमलोग भी खराब सड़कों की शिकायत कर सकते हैं. निर्माण कार्य समय पर गुणवत्ता पूर्ण तरीके से हो और उनका रखरखाव भी बेहतर होना चाहिए.
पुलों का हेल्थ कार्ड बनाने का दिया सुझाव
सीएम ने कहा िक गंगा नदी पर जेपी सेतु, गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु के समानांतर पुलों का निर्माण केंद्र के द्वारा कराया जा रहा है. गांधी सेतु के पूर्वी तरफ राज्य सरकार गंगा नदी पर एक और पुल बनवा रही है. राज्य सरकार द्वारा आरा–छपरा को जोड़ने वाला वीर कुंवर सिंह पुल बन चुका है.
सुल्तानगंज के पास भी गंगा नदी पर पुल बन रहा है. राज्य में एक्सट्रा केबल ब्रिज बन रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने वर्ष 2005 से 2019 तक 2160 योजनाएं पूर्ण कीं. विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है.
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, आइएमजी-आइएबीएसइ के अध्यक्ष सह विशेष सचिव सड़क एवं परिवहन विभाग, भारत सरकार आइके पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
पुलों से नदियों का बहाव प्रभावित नहीं हो : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नदियों की धारा और दिशा को ध्यान में रखकर पुल बने. इससे पानी के तेज बहाव को बाधा नहीं पहुंचेगी और बाढ़ का प्रभाव भी कम होगा. मोदी ने कहा कि आजादी के बाद बिहार में एनडीए सरकार द्वारा सोन नदी पर तीन, गंडक पर पांच, कोसी नदी पर पांच और गंगा नदी पर 12 नये मेगा पुलों का निर्माण हो रहा है.
अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते एनडीए सरकार ने बिहार में दीघा-सोनपुर रेल पुल, मुंगेर रेल पुल और कोसी नदी पर मेगा पुल का निर्माण कराया. एनडीए सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने 2200 से ज्यादा पुल-पुलियों का निर्माण कर राज्य की बदहाल व बदनाम परिवहन व्यवस्था का कायाकल्प किया.
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