बिहार बोर्ड के अध्यक्ष पद पर सिर्फ आइएएस या रिटायर्ड अधिकारी किये जायेंगे नियुक्त

Updated at : 26 Jul 2019 7:56 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष पद पर सिर्फ आइएएस या रिटायर्ड अधिकारी किये जायेंगे नियुक्त

पटना : राज्य सरकार द्वारा मैट्रिक और इंटर परीक्षा के आयोजन के लिए गठित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर अब सिर्फ आइएएस अधिकारी या रिटायर अधिकारी ही तैनात किये जायेंगे. विधानसभा में गुरुवार को विपक्ष के भारी विरोध के बीच बिहार विद्यालय परीक्षा समिति संशोधन विधेयक 2019 पास हो […]

विज्ञापन
पटना : राज्य सरकार द्वारा मैट्रिक और इंटर परीक्षा के आयोजन के लिए गठित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर अब सिर्फ आइएएस अधिकारी या रिटायर अधिकारी ही तैनात किये जायेंगे. विधानसभा में गुरुवार को विपक्ष के भारी विरोध के बीच बिहार विद्यालय परीक्षा समिति संशोधन विधेयक 2019 पास हो गया. इस विधेयक के आने के बाद मौजूदा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम 1952 निरस्त हो जायेगा.
नये विधेयक में प्रावधान किया गया है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के सचिव स्तर के कार्यरत या सेवानिवृत्त पदाधिकारी ही नियुक्त किये जायेंगे. विधेयक में उपाध्यक्ष पद भी भारतीय प्रशासनिक सेवा या ग्रुप ए केंद्रीय सेवा या बिहार प्रशासनिक सेवा के अपर सचिव के ऊपर के पदाधिकारियों की ही नियुक्ति की जायेगी. विधानसभा में इस विधेयक को लेकर 75 संशोधन लाये गये जिसे मतदान के बाद अस्वीकृत कर दिया गया. शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने इस संबंध में कहा कि वक्त की जरूरत को देखते हुए यह प्रावधान किया गया है.
इधर, विधान परिषद में श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आइटीआइ की परीक्षा में कदाचार के कारण परीक्षा नियंत्रक को हटा दिया गया है. साथ ही उस पर विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है. मंत्री ने सदन को बताया कि पिछले परीक्षा में प्रश्नपत्र आउट होने के मामले में सभी परीक्षा केंद्र रद्द कर दिये गये गये थे. उन्होेंने पलायन से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि बेहतर पारिश्रमिक व रोजगार की तलाश में लोग बाहर जाते हैं. उसे पलायन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. वहीं, विधानसभा में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल ने कहा कि राज्य में टोपो लैंड का अब तक सर्वे नहीं कराया गया है. इस वजह से इनकी बंदोबस्ती नहीं हुई है.
अभी यह सरकारी जमीन ही है. इस तरह की जमीन का किसी के नाम आवंटन नहीं होता और न ही इनकी रजिस्ट्री ही होती है. इस मामले में फिलहाल विधि विभाग से परामर्श मांगा गया है. इसके बाद इस जमीन से जुड़े मामले में उचित कार्रवाई की जायेगी. इस जमीन से जुड़े तमाम विवादों का निष्पादन जल्द किया जायेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन