मॉनसून सत्र : सरकारी अस्पतालों में फिजियोथेरेपी कराने पर नहीं देना होगा पैसा : मंगल पांडे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Jul 2019 8:50 AM
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पटना : राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब फिजियोथेरेपी कराने के लिए मरीजों को पैसे नहीं देने होंगे. विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इसकी जानकारी दी. रीना देवी के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में फिजियोथेरेपी की व्यवस्था होगी. अभी इसके एवज में 50 […]
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पटना : राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब फिजियोथेरेपी कराने के लिए मरीजों को पैसे नहीं देने होंगे. विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इसकी जानकारी दी. रीना देवी के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में फिजियोथेरेपी की व्यवस्था होगी. अभी इसके एवज में 50 से 70 रुपये लिये जाते हैं. अब यह पैसे नहीं देने पड़ेंगे. इसको लेकर सरकार के स्तर पर विचार किया जा रहा है. बहुत जल्द लोगों को यह सुविधा मुफ्त में मिलने लगेगी.
दो प्रतिशत कम हुआ संस्थागत प्रसव :
डॉ रामचंद्र पूर्वे के सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अाशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल दो माह तक चलने से संस्थागत प्रसव में दो प्रतिशत तक कमी आयी थी, लेकिन अब इसमें तेजी आ गयी है. उन्होंने बताया कि सभी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है. इसलिए बच्चों की मृत्यु दर में काफी कमी आयी है.
संविदाकर्मियों को मिलेगा अनुभव प्रमाणपत्र
राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता के सवाल का जवाब देते हुए कहा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आइजीआइएमएस में संविदाकर्मियों को अनुभव प्रमाणपत्र दिया जाता है. इस मामले में परिषद के अध्यक्ष ने भी कहा कि इसे देखा जाये कि सभी को अनुभव प्रमाणपत्र मिल जाये. रजनीश कुमार के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि दो सप्ताह के भीतर अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान कर दिया जायेगा.
कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी
भाजपा के कृष्ण कुमार सिंह के सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में दवा से लेकर कॉस्मेटिक सामान पर ब्रांडेड के नाम पर नकली सामान को खपाये जाने की नियमित जांच होती है. इस दौरान रोहतास व अन्य जगहों पर संस्थानों के लाइसेंस रद्द किये गये हैं और अधिकारियों द्वारा नकली सामान जब्त भी किये गये हैं. ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सीधे एफआइआर की जा रही है.
बिना निबंधन के चलने वाले निजी नर्सिंग होम पर विभाग की नजर :
संजीव श्याम सिंह के सवालों का जवाब देते हुए मंगल पांडे ने कहा कि बिना निबंधन के चलने वाले निजी नर्सिंग होम पर विभाग की नजर है. लेकिन, क्लिनिकल एक्ट 2010 को लेकर मामला न्यायालय में है. जहां से भी शिकायत आती है, सिविल सर्जन के माध्यम से कार्रवाई की जाती है.
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