पटना : गेस्ट फैकल्टी के लिए सरकार नहीं दे रही राशि
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Jun 2019 8:58 AM (IST)
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पटना : राज्य के विश्वविद्यालयों में गेस्ट फैकल्टी तो बहाल किये जा रहे हैं लेकिन उन्हें वेतन के रूप में प्रति क्लास एक हजार रुपये और 25 हजार रुपये अधिकतम महीने में देने के लिए विश्वविद्यालयों के पास फंड की काफी कमी है. वहीं सरकार इसके लिए अब तक विश्वविद्यालयों को फंड जारी नहीं की […]
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पटना : राज्य के विश्वविद्यालयों में गेस्ट फैकल्टी तो बहाल किये जा रहे हैं लेकिन उन्हें वेतन के रूप में प्रति क्लास एक हजार रुपये और 25 हजार रुपये अधिकतम महीने में देने के लिए विश्वविद्यालयों के पास फंड की काफी कमी है.
वहीं सरकार इसके लिए अब तक विश्वविद्यालयों को फंड जारी नहीं की है. अगर यही स्थिति रही तो इन गेस्ट फैकल्टियों से आगे भी पढ़वाना जारी रखना मुश्किल हो जायेगा. लगभग सारे विश्वविद्यालय गेस्ट फैकल्टी को देने वाले फंड को लेकर सशंकित हैं. विवि सरकार की ओर टकटकी की नजरों से देख रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी उन विश्वविद्यालयों को है जिन्होंने पिछले सत्र में ही बहाली कर ली थी और अपने फंड से पैसे दे रहे हैं.
प्रपोजल सरकार को भेजा गया, लेकिन अब तक नहीं मिला पैसा : पटना विश्वविद्यालय के द्वारा पिछले सत्र में ही बीएड के लिए 8 गेस्ट फैकल्टी को राशि दी जा रही थी.
मई तक उन्हें पूरी पैसा दे दिया गया है. इस बार सात और नये बहाल किये गये हैं. पीयू ने विभिन्न विषयों को मिलाकर इस बार 70 शिक्षकों की बहाली कर ली है. इस बार साल में आठ करोड़ रुपये का प्रपोजल सरकार को भेजा गया है. लेकिन अब तक कोई राशि नहीं जारी की गयी है. इधर मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी यूनिवर्सिटी ने पूरे साल का 87 लाख का बजट सरकार को भेजा है, लेकिन अब तक वहीं मिला है.
चल रही है बातचीत
अब तक राशि नहीं मिली है लेकिन विभाग से बातचीत चल रही है उन्होंने जल्द राशि देने का आश्वासन दिया है.
कर्नल मनोज मिश्र, रजिस्ट्रार, पीयू
विवि के पास सीमित फंड है और इतना अमाउंट साल में देना विवि के लिए मुश्किल है, क्योंकि विवि की आमदनी उतनी नहीं है और सरकार से भी अनुदान नहीं मिलता. पिछले सत्र में विवि 15 लाख रुपये गेस्ट फैकल्टी को दे चुकी है. सरकार से राशि मिलती है तभी यह प्रक्रिया आगे भी चल सकती है.
कर्नल कामेश कुमार, रजिस्ट्रार, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय
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