एनआइए टीम की छापेमारी, पूर्व एमएलसी हुलास के घर से राइफल बरामद

Updated at : 21 Jun 2019 5:35 AM (IST)
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एनआइए  टीम की छापेमारी, पूर्व एमएलसी हुलास के घर से राइफल बरामद

पटना : एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की विशेष टीम ने मुंगेर से 22 एके-47 की बरामदगी के मामले में गुरुवार को 12 स्थानों पर छापेमारी की. इसके तहत लोजपा के पूर्व एमएलसी हुलास पांडेय, उनके भाई संतोष पांडेय समेत उनके अन्य रिश्तेदारों के बिहार और यूपी में पांच जगहों पर स्थित ठिकानों पर एक साथ […]

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पटना : एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की विशेष टीम ने मुंगेर से 22 एके-47 की बरामदगी के मामले में गुरुवार को 12 स्थानों पर छापेमारी की. इसके तहत लोजपा के पूर्व एमएलसी हुलास पांडेय, उनके भाई संतोष पांडेय समेत उनके अन्य रिश्तेदारों के बिहार और यूपी में पांच जगहों पर स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी.
इनमें पटना, वाराणसी, बक्सर, रोहतास और भोजपुर शामिल हैं. हुलास पांडेय बाहुबली पूर्व विधायक सुनील पांडेय के भाई हैं. सुबह से शुरू हुई यह छापेमारी देर शाम तक चली. प्राप्त सूचना के अनुसार, आरा के महाराजा हाता और पीरो में मौजूद उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों के यहां भी छापेमारी हुई है.
बक्सर के चरित्रवन स्थित उनके आवास को भी टीम ने घंटों खंगाला. एनआइए को पटना के बेली रोड स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल की बगल में स्थित उनके आवास से राइफल के अलावा कुछ अन्य छोटे हथियार बरामद हुए हैं. इसके अलावा अन्य स्थानों से भी कुछ हथियार बरामद होने की सूचना मिल रही है. छापेमारी के दौरान कई ठिकानों से हथियारों के कई तरह के पुर्जे मिले हैं, जिनके एके-47 के होने की आशंका जतायी जा रही है.
हालांकि, इस मामले की अभी गहन जांच चल रही है. इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. पूरी छापेमारी के दौरान पैसों के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े कुछ अहम कागजात, कैश रिसिप्ट और बैंक डिटेल भी हाथ लगे हैं, जिनकी जांच चल रही है. इन बैंक डिटेल के आधार पर लेन-देन से जुड़े तमाम मामलों की जांच की जायेगी, ताकि पता चल सके कि इस पूरे रैकेट
में पैसे का ट्रांजेक्शन किन-किन लोगों के बीच हुआ है. पटना स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान 29 लाख कैश के अलावा दर्जनों कारतूस भी बरामद किये गये हैं, जिनमें कुछ कारतूस एके-47 के भी हैं. इसके अलावा सभी ठिकानों पर हुई छापेमारी में चार लैपटॉप, पांच हैंड डिस्क, 12 पेन ड्राइव, एक कंप्यूटर और 12 मोबाइल फोन भी जब्त किये गये हैं. इनमें इस केस से संबंधित कई अहम जानकारी मिलने की संभावना है.
इस मामले को लेकर हुई छापेमारी
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सेना के आयुध कारखाने से बड़ी संख्या एके-47 राइफलें गायब हुई थीं. सितंबर, 2017 में यह मामला उजागर होने के बाद गायब इन एके 47 में 22 बिहार के मुंगेर से बरामद हुई थीं. मुंगेर थाने में इससे संबंधित मामला भी दर्ज है. इस मामले में अक्तूबर, 2017 में एनआइए ने मामला दर्ज करके जांच शुरू की. इसके तमाम पहलुओं पर अब भी जांच चल रही है.
जिन-जिन लोगों ने ये एके 47 खरीदी और इस पूरी डील में शामिल हैं, उनके यहां बारी-बारी से एनआइए जांच कर रही है. इस मामले की शुरुआती जांच के दौरान कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिनसे पूछताछ में पता चला कि ये हथियार नक्सलियों के अलावा कुछ रसूखदार लोगों को भी बेचे गये हैं. इसी मामले को लेकर एनआइए ने हुलास पांडेय और उनसे संबंधित लोगों के यहां छापेमारी की है.
ये बरामद
  1. 29 लाख कैश
  2. एक राइफल व अन्य छोटे-छोटे हथियार, कई हथियारों के छोटे-छोटे पुर्जे
  3. एके 47 समेत अन्य हथियारों के दर्जनों कारतूस
  4. चार लैपटॉप, पांच हैंड डिस्क, 12 पेन ड्राइव व एक कंप्यूटर
  5. 12 मोबाइल फोन
  6. लेन-देन के कागजात कैश रिसिप्ट व बैंक डिटेल्स
पांच जिलों में हुलास के ठिकानों पर रेड
आयकर विभाग ने जनवरी, 2017 में हुलास पांडेय के पटना और वाराणसी स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी. यह छापेमारी अवैध बालू खनन में फर्जी कंपनियों के जरिये टैक्स चोरी को लेकर की गयी थी. इस दौरान उनके आ‌वास से डेढ़ किलो सोना के अलावा कैश, बैंक खातों व जमीन-जायदाद के कागजात मिले थे.
जांच में पता चला था कि हुलास ने खरीदी है एके 47
एनआइए को इस मामले की जांच के क्रम में यह पता चला कि पूर्व एमएलसी हुलास पांडेय ने एक या दो एके 47 खरीदी हैं. साथ ही कुछ एके 47 को ठिकाने लगाने में उनकी भूमिका अहम रही है. 2017 में यह मामला प्रकाश में आने के बाद भी कुछ एके 47 को छिपाने या ठिकाना लगाने में हुलास और उनके कुछ सहयोगियों की भूमिका खास रही है. वर्तमान में हुलास पर आरा, बिक्रमगंज और सासाराम के अलग-अलग थानों में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं. इनमें आर्म्स एक्ट से लेकर जान मारने का प्रयास तक के मामले शामिल हैं.
कौन हैं हुलास पांडेय
हुलास पांडेय की पहचान शाहाबाद क्षेत्र के एक बाहुबली नेता की रही है. जदयू के पूर्व विधायक सुनील पांडेय के छोटे भाई हुलास जुलाई, 2009 में स्थानीय प्राधिकार कोटे से विधान पार्षद निर्वाचित हुए. उन दिनों रोहतास, भोजपुर व बक्सर जिलों में उनकी और उनके बड़े भाई सुनील पांडेय की तूती बोलती थी. 43 वर्षीय हुलास जुलाई, 2015 तक विधान परिषद के सदस्य रहे. दूसरी बार उन्होंने लोजपा की टिकट पर किस्मत आजमायी, लेकिन हार गये. बीए पार्ट -1 तक शिक्षा पाये हुलास पर करीब दर्जन भर केस भी रहे हैं. हुलास चार भाई हैं.
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