AES और लू से हो रही मौतों के बीच डॉक्टरों की हड़ताल से बिहार में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jun 2019 9:37 AM

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पटना :बिहार में सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गयीं. राज्य में पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी और लू तथा दिमागी बुखार से 100 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है. पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों पर हाल ही में किये गये हमले के […]

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पटना :बिहार में सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गयीं. राज्य में पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी और लू तथा दिमागी बुखार से 100 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है. पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों पर हाल ही में किये गये हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आहूत देशव्यापी हड़ताल को बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ का समर्थन हासिल है.

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजीव रंजन प्रसाद ने हालांकि अपने अस्पताल में हड़ताल का असर नहीं होने का दावा किया है, लेकिन ओपीडी में अन्य दिनों की तुलना में आज कम मरीज देखे जाने की सूचना है. पटना स्थित नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल में भी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण आज चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं. मुजफ्फरपुर जिला स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुनील शाही ने बताया कि हड़ताल का रोगी बच्चों के इलाज पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे या तो बाल रोग विभाग में या इमरजेन्सी वार्ड में भर्ती हैं. इस अस्पताल में दिमागी बुखार के कारण भर्ती बच्चों में से अब तक 80 की मौत हो चुकी है. बिहार के अन्य जिलों जहानांबाद, भोजपुर, बेगूसराय, नवादा और सुपौल में चिकित्सकों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों सहित निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में भी चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं.

बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की जा रही जानें और लू के कहर से हो रही मौतों के बीच बिहार के डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से स्थिति भयावह होने की आशंका है. डॉक्टरों की हड़ताल का असर अस्पतालों में दिखने लगा है. हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि चिकित्सकों की हड़ताल के बावजूद इमरजेन्सी सेवा बहाल है. साथ ही एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों का इलाज जारी रहेगा. चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को ओपीडी सेवा बाधित होने के कारण लौटाया जा रहा है.

राजधानी के न्यू गार्डिनर अस्पताल में इलाज के लिए सोमवार की सुबह पहुंचे मरीजों को बिना इलाज किये लौटा दिया गया. अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीजों को बताया गया कि आज हड़ताल होने के कारण ओपीडी सेवा बाधित है, अस्पताल में सिर्फ इमरजेन्सी सेवा बहाल है. इस संबंध में अस्पताल के प्रभार डॉ एनसी प्रसाद ने कहा कि हड़ताल के कारण ओपीडी सेवा बाधित है. सिर्फ इमरजेन्सी सेवा बहाल है. वहीं, मुजफ्फरपुर में भी ओपीडी सेवा बाधित होने से मरीजों को हलकान होना पड़ रहा है.

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