पटना : प्रदूषण फैला रही बसों को रोकना ट्रैफिक पुलिस के बूते की बात नहीं : ट्रैफिक एसपी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Apr 2019 8:55 AM
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प्रदूषण विभाग जिम्मेदार, कैसे मिलता है वाहनों को प्रदूषण मुक्त प्रमाणपत्र चैंबर ऑफ कॉमर्स में संवाद कार्यक्रम में कही ये बातें पटना : राजधानी में प्रदूषण उगल रहीं नगर सेवा बसों को रोक पाना ट्रैफिक पुलिस के बूते की बात नहीं. क्योंकि ट्रैफिक पुलिस के पास प्रदूषण को जांचने को लेकर कोई तकनीक नहीं है. […]
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प्रदूषण विभाग जिम्मेदार, कैसे मिलता है वाहनों को प्रदूषण मुक्त प्रमाणपत्र
चैंबर ऑफ कॉमर्स में संवाद कार्यक्रम में कही ये बातें
पटना : राजधानी में प्रदूषण उगल रहीं नगर सेवा बसों को रोक पाना ट्रैफिक पुलिस के बूते की बात नहीं. क्योंकि ट्रैफिक पुलिस के पास प्रदूषण को जांचने को लेकर कोई तकनीक नहीं है. इसलिए ट्रैफिक पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाती है.
ये बातें पुलिस अधीक्षक यातायात अजय कुमार पांडेय ने सोमवार को बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने कहा कि ऐसी बसों पर कार्रवाई करने को ले ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय-समय पर वाहन चेकिंग की जाती है. लेकिन नगर सेवा बसों के पास प्रदूषण का जो लाइसेंस होता है, वह एक-दो सप्ताह पहले जारी किये गये होते हैं. ऐसे में ट्रैफिक पुलिस कानूनन कुछ नहीं कर पाती है. अजय कुमार पांडेय ने कहा कि इसके लिए तो प्रदूषण विभाग जिम्मेदार है. आखिर वर्षों पुरानी बसों को प्रदूषण मुक्त होने का कैसे प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है. यह जांच का विषय है.
ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शहर में निर्धारित बस स्टॉप के पास ही यात्रियों को चढ़ाना या उतारना अनिवार्य है. बीच रास्ते में यात्रियों को चढ़ाते या उतारते पकड़े जाने पर चालकों और खलासी पर मुकदमा दर्ज किया जायेगा और फाइन भी किया जायेगा.
इसके लिए विशेष टास्क टीम बनायी जायेगी, जो केवल बसों के परिचालन पर ध्यान रखेगी. प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में सघन अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान चलाकर उनके वाहन जब्त किये जायेंगे. शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रूप से चले, इसके लिए मॉडर्न ट्रैफिक लाइट और ट्रैफिक पुलिस को प्रशिक्षित भी किया जायेगा. पार्किंग की जो समस्या है, उसके लिए मल्टी पार्किंग की जरूरत है. गांधी मैदान के नीचे अंडर ग्रांउड पार्किंग बनाने की योजना है.
उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर संयुक्त रूप से पहल करने का सुझाव : इसके पूर्व चैंबर उपाध्यक्ष एनके ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पटना की यातायात व्यवस्था को सहज बनाने में सबसे बड़ी बाधा अवैध ठेला दुकान एवं अवैध पार्किंग हैं.
स्थायी समाधान के लिए उन्होंने पुलिस अधीक्षक यातायात से सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर संयुक्त रूप से पहल करने का सुझाव दिया. उपाध्यक्ष मुकेश कुमार जैन ने चैंबर की ओर पटना की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रमुख सुझाव दिये और मांग पत्र सौंपे. कार्यक्रम में चैंबर के कोषाध्यक्ष विशाल टेकरीवाल, महामंत्री अमित मुखर्जी व अन्य मौजूद थे.
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